भास्कर न्यूज| महासमुंद छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन ने 13 फरवरी 2026 को जारी स्कूल शिक्षा विभाग के नए संशोधित राजपत्र को असंतुलित करार देते हुए इसमें व्यापक सुधार की मांग की है। प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा और जिला अध्यक्ष नारायण चौधरी ने कहा कि नए नियमों में अनुभवी शिक्षकों की अनदेखी कर सीधी भर्ती को प्राथमिकता दी गई है, जो अन्यायपूर्ण है। शिक्षकों ने कहा कि एलबी संवर्ग की उपेक्षा की जा रही है। राजपत्र में एलबी संवर्ग के कोटा को समाप्त करने से इस वर्ग के हजारों शिक्षकों की पदोन्नति रुक जाएगी। एसोसिएशन का सुझाव है कि ई/टी और एलबी संवर्ग के लिए 50-50 प्रतिशत पदों पर पदोन्नति का प्रावधान रखा जाए। उपसंचालक, जिला शिक्षा अधिकारी और सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी (एबीईओ ) के पदों पर सीधी भर्ती के ऊंचे प्रतिशत को घटाकर पदोन्नति का दायरा बढ़ाने की मांग की गई है। इस मौके पर शोभा सिंह देव, पूर्णानंद मिश्रा, केशवराम साहू, अर्चना तिवारी,सादराम अजय, लालजी साहू,नरेश पटेल, नंदकुमार साहू,विजय प्रधान, प्रदीप वर्मा,पुष्पलता भार्गव,लोरीश कुमार, राजेश साहू,विनोद यादव,महेंद्र चौधरी, गजेंद्र नायक मौजूद थे। दो लाख कर्मचारियों के कॅरियर पर विपरित प्रभाव इस मामले में शिक्षकों का कहना है कि प्राचार्य डाइट, बाइट एवं बी टी आई के 27 पद जो उपसंचालक के स्तर के हैं, पूर्व में वे शत प्रतिशत पदोन्नति से भरे जाते थे लेकिन वर्तमान व्यवस्था में उसे 50% पदोन्नति एवं 50% सीधी भर्ती के पदों में परिवर्तित कर दिया गया है, यह आपत्तिजनक है। उपसंचालक के 44 पद शिक्षा विभाग संवर्ग के कर्मचारियों के लिए तथा 22 पद ट्राइबल विभाग संवर्ग के कर्मचारियों के लिए आरक्षित किया गया, समान प्राथमिकता दिया जाए।


