भास्कर न्यूज | राजनांदगांव छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा बोर्ड परीक्षा और आवेदन शुल्क में की गई बढ़ोतरी के विरोध में बुधवार को कांग्रेस के युवा नेताओं ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी गुल्लक लेकर सड़कों पर उतरे और नागरिकों से प्रतीकात्मक सहयोग मांगा। इसके बाद संभागीय कार्यालय का घेराव किया। इस दौरान भाजपा सरकार पर शिक्षा विरोधी नीतियों का आरोप लगाते नारेबाजी की गई। पूर्व पार्षद और छात्रसंघ अध्यक्ष ऋषि शास्त्री, प्रदेश अल्पसंख्यक विभाग सचिव विशु अजमानी ने नेतृत्व किया। उन्होंने कहा भाजपा सरकार शिक्षा को महंगा बनाकर गरीब, मध्यम वर्ग एवं वंचित तबके के विद्यार्थियों को मुख्यधारा से बाहर करने का प्रयास कर रही है। प्रदर्शनकारियों के संभागीय कार्यालय पहुंचने से पहले आंदोलन की सूचना मिलने पर अफसरों ने कार्यालय में ताला जड़ दिया और कोई भी जिम्मेदार मौके पर उपस्थित नहीं रहा। इससे नाराज कांग्रेसियों ने कार्यालय के बाहर गुल्लक रख विरोध प्रदर्शन किया। प्रशासन की कार्यशैली को गैर-जिम्मेदाराना, असंवेदनशील, लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत बताया। विरोध प्रदर्शन में सागर ताम्रकार, संजय साहू, गरुण विक्रम, जय जायसवाल, हर्षिल हनी भलावे, शुभम कसार, दीनू साहू, अभी गुप्ता, अंसुल श्रीवास्तव, सोमिल जैन, रौशन परिहार, कारण साहू, आर्यन वर्मा, धर्मेंद्र वासनिक, अनुभव पटने, यस, ऋषि गरडे, कान्हा गजभीये, सुधीर दिवाकर मौजूद रहे। सरकार ने पालकों पर डाला आर्थिक बोझ ऋषि शास्त्री ने कहा भाजपा सरकार ने बोर्ड परीक्षा शुल्क दोगुना तथा आवेदन शुल्क तिगुना कर विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों पर सीधा आर्थिक बोझ डाल दिया है। हालात ऐसे बना दिए कि बच्चों की पढ़ाई के लिए घरों की गुल्लक तोड़कर सरकार की तिजोरी भरनी पड़ रही है। यह फैसला शिक्षा को अधिकार से हटाकर व्यापार बनाने वाला है और इसका सबसे ज्यादा असर ग्रामीण क्षेत्रों, गरीब परिवारों तथा मध्यम वर्ग के छात्रों पर पड़ेगा।


