भास्कर संवाददाता | चूरू शिक्षा शासन सचिव व जिला प्रभारी सचिव कृष्ण कुणाल ने शुक्रवार को डाइट का निरीक्षण किया। उन्होंने डाइट के नवाचारों को देखा। उन्होंने कहा कि नवाचारों से शिक्षा में बदलाव आ रहा है। स्कूलों में स्टूडेंट्स को कोडिंग, एआई और तकनीक आधारित पढ़ाई पर जोर देना होगा। उन्होंने कहा कि शिक्षक बच्चों के अभिभावक की भूमिका भी निभाते हैं, इसलिए क्लास में बच्चों के सीखने के स्तर का पता लगाकर उनका समाधान करें। पढ़ाई में पिछड़ने वाले बच्चों की हैंड होल्डिंग (उंगली पकड़कर सिखाना) का काम कर उन्हें मोटीवेट करें। उन्होंने कहा कि लर्निंग आउटकम्स सुधारना हमारी जिम्मेदारी है। शिक्षक शिक्षा में तकनीक और मूल्य आधारित दृष्टिकोण को संतुलित रूप से अपनाते हुए भावी पीढ़ी को आत्मनिर्भर व सक्षम बना वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करें। डाइट के निरीक्षण के दौरान पुस्तकालय, कक्षाकक्ष, स्टाफ रूम, सभी प्रभागों का अवलोकन किया। कलेक्टर अभिषेक सुराणा ने जिले में नवाचारों के क्रियान्वयन, मॉनीटरिंग व प्रगति की जानकारी दी। सीडीईओ संतोष महर्षि ने बताया कि जिले में कोड चूरू कार्यक्रम में बच्चे कोडिंग व तकनीकी क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। उप निदेशक व डाइट प्राचार्य गोविंद सिंह राठौड़ ने डाइट में व्यवस्थाओं की जानकारी दी। इस दौरान एडीपीसी सरिता आत्रेय, डीईओ प्रारंभिक ओमप्रकाश प्रजापत, साक्षरता अधिकारी राजेंद्र गहलोत, डिप्टी डीईओ रामूराम बुंदेला सहित डाइट स्टाफ मौजूद रहे। प्रभारी सचिव कुणाल ने कहा कि शिक्षा में डिजीटल को प्राथमिकता देनी होगी। शिक्षकों को लगातार ट्रेनिंग से नई एजुकेशन सिस्टम से जोड़ना होगा, तभी वे विद्यार्थियों को नए टेक्नोलॉजी से जोड़ सकेंगे। उन्होंने जिले में आरआरआर सेंटर के लिए बनाई गई वेबसाइट व अटल टिंकरिंक लैब हेतु वेबसाइट व पाठ्यक्रम की सराहना की तथा कहा कि इसे विस्तृत रूप से तैयार कर प्रदेश में लागू करने के प्रयास किए जाएंगे। इस दौरान कोड चूरू कार्यक्रम के बच्चों द्वारा बनाई गई अटल टिकरिंग लैब, आरआरआर सेंटर, डिजिटल सखी, लाइब्रेरी मैनेजमेंट, आशा सहयोगिनी व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के कार्यों, सालासर बालाजी धार्मिक स्थल आदि वेबसाइट का प्रजेंटेशन दिया गया।


