शिमला में सांसद ने हिमाचल सरकार को घेरा:बोले- केंद्र कर रही पूरी मदद, प्रदेश में सेलरी-पेंशन देना भी मुश्किल

शिमला में बीजेपी सांसद सुरेश कश्यप ने जिला स्तरीय दिशा बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने केंद्रीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार प्रदेश को पूरी मदद कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि केंद्र की मदद के बिना हिमाचल सरकार कर्मचारियों की सेलरी और पेंशन भी नहीं दे पाएगी। सांसद ने मंदिरों से योजनाओं के लिए पैसा मांगने को चिंताजनक बताया। सांसद ने कहा कि, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के चौथे फेज की शुरुआत होने वाली है। लेकिन प्रदेश में पहले और दूसरे चरण के काम अभी पूरे नहीं हुए हैं। केंद्र ने अब योजनाओं के लिए सीधे फंड देने का फैसला किया है। इससे काम में तेजी आएगी और ट्रेजरी से पैसों के दुरुपयोग पर रोक लगेगी। सांसद ने बताया कि हिमाचल स्पेशल कैटेगरी स्टेट है। यहां प्रधानमंत्री मोदी ने 90:10 के अनुपात में मदद का प्रावधान किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार झूठा रोना रो रही है। हाल ही में शिमला संसदीय क्षेत्र की कुफरी चायल सड़क के लिए सीआरएफ से 53 करोड़ रुपए मिले हैं। सांसदों ने केंद्र के सम्मुख रखी हिमाचल की समस्याएं: कश्यप सांसद ने कहा कि भाजपा के चारों लोकसभा या राज्यसभा सांसदों ने निरंतर हिमाचल प्रदेश को लेकर केंद्र सरकार के सम्मुख प्रदेश हित की बात को रखा हैं। केंद्र सरकार के द्वारा हिमाचल प्रदेश की भरपूर मदद की जा रही है, अन्यथा हिमाचल प्रदेश की तो यह हालात हैं कि कांग्रेस सरकार सेलरी और पेंशन देने की स्थिति में भी नहीं है। केंद्र अगर प्रदेश की मदद न करे तो प्रदेश सरकार महीने के अंत में कर्मचारियों को तनख्वाह और पेंशनर को पेंशन देने में भी सक्षम नहीं है। मंदिरों के लिए पैसा की मांग चिंता का विषय मंदिरों से सरकारी योजनाओं के लिए पैसा मांगने के सवाल पर सुरेश कश्यप ने कहा कि मंदिरों का पैसा भी कांग्रेस सरकार अपनी योजनाओं के लिए खर्च करना चाहती है, यह हिमाचल प्रदेश देव भूमि के लिए बहुत ही चिंतनीय एवं दुख का विषय है और इस प्रकार से पैसे को उपयोग नहीं किया जाना चाहिए। हाल ही में भाजपा द्वारा सरकार पर आरोप लगाया गया था कि केंद्र सरकार के पैसे को हिमाचल की विभिन्न योजनाओं के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है और यह आरोप लगातार सिद्ध होता दिखाई दे रहा है।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *