हिमाचल प्रदेश में बारिश रुकने का नाम नहीं ले रही है। शिमला में विंटर कार्निवाल को लेकर रिज पर लगाए गए स्टॉलों में बारिश का पानी घुस गया है। इससे टूरिस्ट व स्थानीय लोगों की संख्या में गिरावट आई है। वहीं दूसरी तरफ बारिश ना रुकने के कारण स्टॉल संचालकों की मुश्किलें बढ़ गई है। विंटर कार्निवाल में आवंटित किए थे 50 स्टॉल नगर निगम ने शिमला के रिज पर आशियाना के साथ स्थानीय कारोबारियों को 50 स्टॉल आवंटित किए हैं। इसके लिए नगर निगम द्वारा इनसे प्रतिदिन 6000 रुपए किराया वसूल रहा है। लेकिन बारिश ने स्टॉल संचालकों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। बारिश होने के कारण कई स्टॉलों में पानी भर गया है। जिस कारण कोई भी इनके स्टॉलों तक नहीं पहुंच रहे हैं। जबकि कई स्टॉल संचालक स्टॉल खाली करने पर विचार करना शुरू कर दिया। स्टॉल संचालकों ने नगर निगम के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। नगर निगम पर लगाए भेदभाव के आरोप स्टॉल संचालकों ने नगर निगम पर भेदभाव के आरोप लगाए है और पैसे वापस करने की मांग की है। स्टॉल संचालकों का कहना है कि निगम द्वारा बाहरी राज्यों के लोगों को पद्मदेव कॉम्प्लेक्स पर स्टाल दिए गए हैं। जबकि उन्हें दूसरे कॉम्प्लेक्स पर स्टाल दिए गए हैं। यहां के हालात ऐसे हैं कि बारिश से पानी स्टॉल के अंदर घुस गया है और सामान खराब हो रहा है। स्टॉल के सामने भी पानी एकत्रित हो रहा है जिससे लोग स्टॉल तक नहीं पहुंच रहे हैं। उनका कहना है कि नई बनाई गई बिल्डिंग में ड्रेनेज की व्यवस्था तक नहीं है। MC ने कारोबारियों से एडवांस लिए 70 हजार संचालकों का कहना है कि नगर निगम ने उनसे 70 हज़ार रुपए एडवांस में लिए है और सुविधाओं के नाम पर कुछ नहीं मिल पा रहा है। इसके अलावा प्रतिदिन एक स्टॉल से 500 रुपए कूड़ा शुल्क लिया जा रहा है जोकि काफी ज्यादा है। इसके अलावा बिजली की सुविधा तक नहीं दी जा रही है। संचालकों ने कहा कि इसको लेकर नगर निगम के महापौर और आयुक्त को शिकायत दे चुके हैं। बावजूद इसके उन्हें शिफ्ट भी नहीं किया जा रहा है और न ही यहां व्यवस्थाओं को सुधारा जा रहा है। उन्होंने नगर निगम से उनके पैसे वापस देने की मांग उठाई है। महापौर बोले- जल्द करेंगे सफाई वहीं, महापौर नगर निगम सुरेंद्र चौहान ने मामले को लेकर कहा कि रिज पर स्थानीय कारोबारियों को स्टॉल दिए गए हैं। यहां जल्द ही साफ सफाई का कार्य किया जाएगा। जिससे कारोबारियों की परेशानी दूर होगी।


