भास्कर न्यूज | गिरिडीह पीरटांड़ प्रखंड की चिरकी और कुम्महरलालो पंचायत के गांवों को मुख्य सड़क से जोड़ने वाली गिरिडीह–डुमरी मुख्य मार्ग के मांझीडीह मोड़ से संधरवा नदी तक मुख्यमंत्री ग्रामीण सड़क निर्माण शिलान्यास के 23 माह बीत जाने के बावजूद अब तक शुरू नहीं हो सका है। योजना के तहत करीब 2 करोड़ की लागत से 5 किलोमीटर लंबी ग्रामीण सड़क का निर्माण होना था। ग्रामीण विकास विभाग से अनुमति मिलने के बाद इस सड़क का ऑनलाइन शिलान्यास 20 फरवरी 2024 को तत्कालीन मुख्यमंत्री चंपई सोरेन ने किया था। शिलान्यास के बाद शिलापट्ट लगाए जाने से राजाभिठा, बरमसिया, जरहा, पारगो और देवानडीह गांवों के ग्रामीणों में खुशी की लहर दौड़ गई थी। ग्रामीणों को उम्मीद थी कि वर्ष 2007-08 में बनी सड़क, जिसकी पिछले 15 वर्षों से मरम्मत नहीं हुई, अब जल्द ही दुरुस्त होगी। समय के साथ सड़क पूरी तरह जर्जर हो चुकी है और कई स्थानों पर बह भी गई है। इन पांच गांवों में रहने वाले करीब 10 हजार लोगों के लिए यही सड़क मुख्य सड़क और प्रखंड मुख्यालय तक आने-जाने का एकमात्र साधन है। शिलान्यास के बाद से अब तक ग्रामीण विकास विभाग या आईईईओ विभाग के किसी भी अधिकारी ने स्थल का निरीक्षण तक नहीं किया। इससे लोगों में सड़क निर्माण को लेकर निराशा गहराती जा रही है और ग्रामीण अब उम्मीद छोड़ते नजर आ रहे हैं। साक्षरता दर -70% जनसंख्या -10000 जिला मुख्यालय से दूरी 20 किलोमीटर कनेक्टिविटी- सड़क मार्ग, कार, बाइक ऑटो मई में टेंडर हुआ था फरवरी से काम होगा शुरू : कनीय अभियंता आरईइओ विभाग के कनीय अभियंता मेघलाल महतो ने बताया कि मई 2025 में सड़क का टेंडर हुआ था। उसके बाद बारिश ही शुरू हो गया। जिस कंपनी को काम मिला हैे, उसके पास तीन सड़क को बनाने का जिम्मा है, ऐसे में कंपनी को कहा गया है कि हर हाल में फरवरी तक काम को शुरू कर दिया जाए, ताकि सड़क बन कर जल्द तैयार हो सके।


