मध्य प्रदेश में लो-प्रेशर एरिया और एक ट्रफ की वजह से फरवरी में चौथी बार बारिश हुई। शिवपुरी में भारी ओले गिरे, साथ में बारिश भी हुई। बेमौसम बारिश और ओले गिरने से सरसों, चना, गेहूं और टमाटर की खड़ी फसलों को काफी नुकसान हुआ। जानकारी के मुताबिक, जिले की पिछोर, करैरा, नरवर और शिवपुरी तहसीलों में बारिश हुई। लालगढ़, रायश्री और टोंगरा गांवों में भारी ओले गिरे। इन गांवों में खेतों में बड़े-बड़े ओले गिरे। हालात यह रहे कि खेत पूरी तरह ओलों की सफेद चादर से ढक गए। इस बीच, सोमवार शाम को जबलपुर में मौसम ने अचानक करवट ली। दोपहर तक धूप खिली रही, लेकिन शाम होते-होते आसमान में बादल छा गए। धूल भरी आंधी के साथ तेज हवाएं चलने लगीं। थोड़ी देर बाद बूंदाबांदी शुरू हो गई। सीधी में भी दोपहर में भारी बारिश हुई। मौसम विभाग ने अगले कुछ घंटों में मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में बारिश का अलर्ट जारी किया है। यहां हवा की स्पीड 50 km प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। ग्वालियर, मुरैना, रीवा, बड़वानी, धार, दतिया, सीधी, खरगोन, सागर और दमोह में भी आंधी-तूफान और बारिश की उम्मीद है। IMD (मौसम केंद्र) भोपाल के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक लो प्रेशर एरिया एक्टिव है। वहीं, यहां से एक ट्रफ लाइन भी गुजर रही है, जिसका असर एमपी में भी रहेगा। रविवार को दक्षिणी हिस्से के कई जिलों में मौसम बदला रहा, जबकि सोमवार को पूर्वी हिस्से में बारिश का अनुमान है। सिस्टम आगे बढ़ा, इसलिए बूंदाबांदी हुई मौसम विभाग ने पहले 22 फरवरी को एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित करने का अलर्ट जारी किया था, लेकिन यह सिस्टम आगे बढ़ गया। इसी बीच लो प्रेशर एरिया और ट्रफ की एक्टिविटी शुरू हो गई। इसके चलते सोमवार को बारिश होने का अनुमान है। फरवरी में तीन बार बारिश वाला मौसम बता दें कि फरवरी के शुरुआत में ही प्रदेश में दो बार ओले, बारिश और आंधी का दौर रह चुका है। इससे फसलों को खासा नुकसान हुआ था। इसके बाद सरकार ने प्रभावित फसलों का सर्वे भी कराया था। 18 फरवरी से तीसरी बार प्रदेश भीग गया है। 19, 20 और 21 फरवरी को भी असर रहा। अब चौथी बार बारिश होने के आसार है। 23 फरवरी को फिर से बारिश हो सकती है। रात में सर्दी से राहत, दिन में पारा लुढ़का बारिश की वजह से दिन के तापमान में गिरावट हुई है। रविवार को सर्द हवाओं से थोड़ी राहत मिली। शनिवार-रविवार की रात में पचमढ़ी में ही पारा सबसे कम 10.2 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं, राजगढ़ में 11 डिग्री, कल्याणपुर में 11.2 डिग्री, करौंदी में 11.4 डिग्री और मंदसौर मे 11.5 डिग्री रहा। बाकी में पारा बढ़ा गया। MP के पांच बड़े शहरों में फरवरी का मौसम… भोपाल में रातें ठंडी रहती हैं, दिन गर्म भोपाल में रातें ठंडी रहती हैं, जबकि दिन गर्म। वर्ष 2014 से 2024 के बीच 4 साल दिन का अधिकतम तापमान 35 डिग्री के पार पहुंच गया था। रात में 7 साल पारा 10 डिग्री से कम दर्ज किया गया। इस बार फरवरी में दिन का तापमान 30 डिग्री के पार है। इंदौर में बारिश का ट्रेंड नहीं फरवरी में इंदौर में बारिश होने का ट्रेंड नहीं है। 2014 और 2015 में बूंदाबांदी जरूर हुई थी। दूसरी ओर दिन में अधिकतम तापमान 30 डिग्री के पार ही रहता है। 2019 में तापमान 35 डिग्री दर्ज किया गया था। यहां रात में पारा 10 डिग्री के नीचे रहता है। ग्वालियर में कड़ाके की ठंड ग्वालियर में कड़ाके की ठंड का ट्रेंड रहता है। इसकी वजह यहां सीधे उत्तरी हवाएं आना है। 4 फरवरी 2018 की रात में न्यूनतम पारा रिकॉर्ड 1.9 डिग्री दर्ज किया गया था। साल 2019, 2022 और 2023 में न्यूनतम तापमान 3 डिग्री से नीचे ही रहा। पिछले साल ग्वालियर में बारिश भी हुई थी। इस बार यहां फरवरी के पहले ही दिन बारिश का दौर रहा है। जबलपुर में भी बदला रहता है मौसम जबलपुर में भी मौसम बदला रहता है। फरवरी के दूसरे सप्ताह के बाद दिन का अधिकतम तापमान 30 डिग्री से अधिक रहता है, जबकि रात में तापमान न्यूनतम 11 डिग्री के आसपास रहता है। यहां फरवरी में बारिश का भी ट्रेंड है। 10 में से 6 साल यहां बारिश हो चुकी है। उज्जैन में गर्मी, बारिश और ठंड का दौर उज्जैन में गर्मी और ठंड के साथ बारिश भी होती है। दिन में अधिकतम तापमान 30 डिग्री के पार ही रहता है, जबकि रात में न्यूनतम पारा 10 डिग्री से कम दर्ज किया जाता है। उज्जैन में फरवरी महीने में बारिश का ट्रेंड कम ही है।


