शिवपुरी जिले में यूजीसी कानून के विरोध में रविवार को हुए भारत बंद के दौरान नरवर और करेरा में तनावपूर्ण हालात बने। नरवर कस्बे के धुवाई चौराहा क्षेत्र में दुकानदार राजेन्द्र सिंह कुशवाह की दुकान बंद कराने को लेकर 40–50 लोगों ने उसे धमकाया और मारपीट की। आरोपियों ने दुकानदार के सामान को फेंककर नुकसान भी पहुंचाया। इस मामले में नरवर पुलिस ने 14 नामजद और कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। करेरा में तोड़फोड़ और मारपीट
करेरा में भी भारत बंद के दौरान हिंसक घटनाएं हुईं। भाजपा के एक कार्यक्रम में प्रदर्शनकारियों ने कुर्सियां फेंकी और तोड़फोड़ की, जिससे कार्यक्रम रद्द करना पड़ा। इसके अलावा, टीला रोड स्थित एक ऑनलाइन और स्टेशनरी दुकान में भी मारपीट और तोड़फोड़ की घटना हुई। दुकानदार आशीष भगदेरिया की शिकायत पर करेरा पुलिस ने कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। करणी सेना का आरोप
नरवर में दर्ज FIR को लेकर करणी सेना ने पुलिस पर आरोप लगाया है कि इसमें कई ऐसे लोगों के नाम जोड़ दिए गए जो घटना के समय वहां मौजूद नहीं थे। करणी सेना के राष्ट्रीय महासचिव अतुल प्रताप सिंह ने बताया कि अरुण प्रताप सिंह सोलंकी उर्फ मोनू सोलंकी उस समय अहमदाबाद में थे और इसके साक्ष्य भी उपलब्ध हैं। संगठन ने इसे राजनीतिक दबाव में की गई कार्रवाई बताया और विरोध की चेतावनी दी है। शिवपुरी जिले में भारत बंद के दौरान दोनों जगहों पर हुई हिंसक घटनाओं से प्रशासन और पुलिस की जांच जारी है। पुलिस सीसीटीवी और अन्य साक्ष्यों के आधार पर सही आरोपियों की पहचान करने का प्रयास कर रही है।


