शिवपुरी के सतनवाड़ा में एसबीआई कियोस्क के जरिए ग्रामीणों से लाखों रुपये की धोखाधड़ी करने वाले ऑपरेटर अजय खटीक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उस पर खातों में जमा राशि की हेराफेरी, फर्जी पासबुक एंट्री और नकली एफडी बनाने का आरोप है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 318(4), 338, 336(3), 340(2) और 61(2) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच में खुलासा हुआ है कि कई खातों में पासबुक में दर्ज राशि शिवपुरी स्थित एसबीआई शाखा के रिकॉर्ड में मौजूद ही नहीं थी। ग्राहकों को फर्जी एफडी थमा दी गईं, जबकि कुछ पासबुक में हाथ से एंट्री की गई थी। इतना ही नहीं, महिलाओं से अंगूठा लगवाकर पैसे निकालने के आरोप भी सामने आए हैं। बेटियों की शादी और पढ़ाई के लिए जोड़े थे पैसे पीड़ित ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने अपनी बेटियों की शादी या बेटों की पढ़ाई के लिए वर्षों की मेहनत की कमाई कियोस्क में जमा की थी, लेकिन वह रकम बैंक खातों तक नहीं पहुंची। वे लगभग डेढ़ महीने से थाने और अधिकारियों के चक्कर लगा रहे थे। कांग्रेस विधायक के साथ थाने पहुंचने के बाद मामला दर्ज किया गया, जिसके बाद अब यह पहली गिरफ्तारी हुई है। कियोस्क संचालक और परिवार की भी जांच पुलिस के अनुसार, अजय खटीक से पूछताछ के आधार पर कियोस्क संचालक प्रमोद कुमार सक्सेना, उनकी पत्नी साधना सक्सेना और पुत्र रितेश सक्सेना की भूमिका की जांच भी तेज कर दी गई है। पुलिस दस्तावेजों और बैंक रिकॉर्ड का मिलान कर रही है।


