शिवरात्रि पर 80 हजार किलो भांग की मांग:ओंकारेश्वर-महाकाल को खंडवा से जाती है भांग

प्रदेश के दो ज्योतिर्लिंग ओंकारेश्वर और महाकालेश्वर में भगवान शिव के लिए भांग का भोग खंडवा से भेजा जाता है। महाशिवरात्रि और श्रावण मास में इन दोनों स्थानों पर करीब 20 हजार किलो भांग प्रसाद के रूप में वितरित होती है। सामान्य दिनों में प्रदेशभर से हर महीने 20 हजार किलो मांग रहती है, जो महाशिवरात्रि पर बढ़कर 80 हजार किलो तक पहुंच जाती है। आबकारी विभाग के अनुसार खंडवा प्रदेश का एकमात्र जिला है, जहां 2 लाख किलो क्षमता का 45 साल पुराना गोदाम है। यहां हर महीने 1.60 लाख किलो भांग की सफाई और छनाई कर पैकिंग की जाती है। इसके बाद जिलों को मांग के अनुसार सप्लाई भेजी जाती है। महाशिवरात्रि पर मंदिर समितियां और लाइसेंसधारी विक्रेता विशेष अनुमति से भांग उठाते हैं। प्रसाद में सूखी भांग, मावा, मेवा और मसालों का उपयोग होता है। अन्य राज्यों से आती है कच्ची भांग आबकारी अधिकारी विकास मंडलोई के अनुसार कच्ची भांग उत्तर प्रदेश, पंजाब, होशियारपुर और उत्तराखंड से ग्वालियर पहुंचती है। वहां टेंडर प्रक्रिया से खरीदी कर 40-40 किलो के बारदान में खंडवा भेजी जाती है। यहां सफाई-छनाई के बाद एक-एक किलो के पैकेट तैयार किए जाते हैं। पर्व पर विशेष निगरानी व्यवस्था
शिवरात्रि और सावन में ओंकारेश्वर व महाकालेश्वर सहित अन्य जिलों में कुल 80 हजार किलो तक खपत होती है। भांग की बिक्री केवल लाइसेंसधारी विक्रेताओं से होती है। पर्व के दौरान अवैध बिक्री रोकने के लिए विशेष निगरानी और भंडारण व्यवस्था की जाती है।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *