भास्कर न्यूज | बाड़मेर शहर के शिवशक्ति जसदेर धाम में चल रही 7 दिवसीय कथा का समापन शनिवार को शिव-पार्वती विवाह की विदाई के साथ हुआ। वात्सल्य धाम बाड़मेर की साध्वी सत्यसिद्धा गिरी ने कथा के अंतिम दिन शिव-पार्वती विवाह के प्रसंग का वर्णन किया। कथा के दौरान मंदिर परिसर शिव भजनों से गूंज उठा। इस अवसर पर तारातरा महंत प्रतापपुरी ने सामाजिक समरसता का संदेश देते हुए सभी को मिलकर रहने का आह्वान किया। मीडिया प्रभारी हरिसिंह राठौड़ ने बताया कि साध्वी सत्यसिद्धा गिरी ने शिव-पार्वती विवाह के बाद विदाई और ज्योतिर्लिंगों की महिमा पर प्रकाश डाला। उन्होंने बेटियों को शिक्षित करने पर जोर दिया, ताकि वे समाज में बोझ न समझी जाएं, बल्कि सशक्त और आत्मनिर्भर बनें। इसके साथ ही दहेज प्रथा को खत्म करने के लिए उन्होंने लोगों को जागरूक का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि बेटा-बेटी में भेदभाव न करें। दहेज में पैसा देने के बजाय बेटियों को उच्च शिक्षा और हुनर दें। सहयोग करने वाले लोगों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। मंच संचालन दिलीप तिवारी ने किया। शिवशक्ति धाम के रामपुरी महाराज ने बताया कि शिवरात्रि के अवसर पर रुद्राभिषेक व रात्रि जागरण का आयोजन किया जाएगा। जिसमें भजन गायक कालूसिंह गंगासरा, कुंभाराम कुम्भ वाणी, रणवीर सिंह राठौड़ सहित कई कलाकारों द्वारा प्रस्तुतियां दी जाएगी। सवालपुरी महाराज ने बताया कि शिवरात्रि को लेकर आज मेले का जसदेर धाम आयोजन किया जाएगा। कथा में महेंद्र सिंह कच्छवाह, चंद्रभानसिंह राठौड़, ज्ञान सिंह, संदीप रांकावत, जयराम विश्नोई, अर्जुन सिंह महेचा, पदमसिंह, नारायण सिंह गोगादेव, पृथ्वीसिंह महेचा, भूरसिंह दोहट, लूणाराम माली, कालू माली, उगम सिंह सोलंकी, मोहनलाल माली , रमेश कुमार शर्मा, नवीन कुमार शर्मा, धनश्याम जागिड़, दुर्गाराम राव, गायडसिंह, स्वरूप सिंह राठौड़, देरावर सिंह, रावल सिंह,भूरेलाल जांगिड़, जोगाराम राव, एडवोकेट राहुल शर्मा, दिलीप तिवाड़ी, सुखदेव बजरंगी, छगनसिंह, दुर्गेश गौड़ , ओमनाथ स्वामी आदि मौजूद रहे। कथा में उमड़े श्रद्धालु।


