कोरबा- पाली | प्राचीन शिव मंदिर को महाशिवरात्रि पर बिजली झालरों से सजाया गया है। रात के समय लाइटिंग से मंदिर का आकर्षण गुलाबी, पीला, हरा, बैंगनी कलर से बढ़ गया है। इसे देखने हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। पाली के इस प्राचीन मंदिर का निर्माण 9वीं शताब्दी में बाणवंशीय राजा विक्रमादित्य ने कराया था। यह राजा विक्रमादित्य की पूजा स्थल थी। इस मंदिर का निर्माण बलुआ पत्थर से किया गया है, जिस पर खूबसूरत मूर्ति कला का नायाब नमूना देखने को मिलता है। 11वीं शताब्दी में कलचुरी वंश के शासक जाज्वल्य देव प्रथम ने मंदिर का जीर्णोद्धार कराया था। इसकी वजह से अब हर साल पाली महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है।


