छत्तीसगढ़ के मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में पुलिस ने शेयर मार्केट में इन्वेस्टमेंट के नाम पर 1.49 करोड़ रुपए की ऑनलाइन ठगी करने वाले इंटर स्टेट गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में पुलिस ने उत्तराखंड और गुजरात से 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामला अंबागढ़ थाना क्षेत्र का है। दरअसल, आरोपियों ने शेयर ट्रेडिंग और मोटा मुनाफे का लालच देकर अंबागढ़ के रहने वाले कारोबारी को जाल में फंसाया था और पैसे अलग-अलग बैंक अकाउंट में ट्रांसफर करवाए थे। बाद में ठगी की रकम चेक और एटीएम के जरिए निकल लिए थे। आरोपियों के कब्जे से अलग-अलग बैंकों की चेकबुक, पासबुक, एटीएम कार्ड, मोबाइल फोन और सिम कार्ड जब्त किए गए हैं। जांच के दौरान इस ठगी मामले में नेपाल कनेक्शन भी सामने आया है।सोमवार को एसपी यशपाल सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए इस पूरे मामले का खुलासा किया। जानिए क्या है पूरा मामला ? दरअसल, वार्ड नंबर-14, गंज लाइन में रहने वाले कुनाल अग्रवाल पंट्रोल पंप का संचालन करते हैं। उन्होंने 2 जनवरी 2026 को अंबागढ़ थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें उन्होंने बताया था कि 9 नंवबर 2025 से 6 दिसंबर 2025 के बीच अज्ञात लोगों ने उन्हें कॉल किया। कॉल करने वालों ने शेयर मार्केट में इन्वेस्टमेंट और मोटा मुनाफा का झांसा दिया। ऐसे में कारोबारी ने किश्तों में आरोपियों के बताए पंजाब नेशनल बैंक और एचडीएफसी बैंक अकाउंट्स में 1,49,50,000 रुपए ट्रांसफर कर दिए। लेकिन उन्हें कोई मुनाफा नहीं मिला। इसके बाद कारोबारी को ठगी का एहसास हुआ। मामले की गंभीरता का देखते हुए पुलिस ने धारा 318(4) बीएनएस के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की गई। टेक्निकल एनालिसिस और I4C समन्वय पोर्टल से मिली जानकारी में संबंधित खातों पर एक से अधिक शिकायतें मिलीं, जिसके बाद धारा 317(4) बीएनएस जोड़ी गई। 5 अलग-अलग खातों में रकम जमा कराया जांच में सामने आया कि कारोबारी से 5 अलग-अलग खातों में रकम जमा करवाई गई। बाद में राशि अन्य खातों में ट्रांसफर कर चेक और एटीएम से निकाली गई। बैंक खाताधारकों और मोबाइल नंबर धारकों की तलाश की गई। इस तरह पुलिस ने उत्तराखंड और गुजरात से 6 आरोपियों को गिरफ्तार ट्रांजिट रिमांड पर अंबागढ़ लेकर पहुंची। गुजरात और उत्तराखंड से हुई गिरफ्तारी गिरफ्तार आरोपियो में मनोज कुमारजी (27) बैंगलोर, सनातन मंडल (32) निवाली उधमसिंह नगर, योगेंद्र सिंह (25) निवासी उधमसिंह नगर, युसुफ संधवानी (21) निवासी राजकोट, राहुल गुप्ता (26) निवासी अहमदाबाद और गौतम भाई बागड़ा (20) निवासी सूरत शामिल हैं। न्यायिक रिमांड पर भेजा गया जेल पुलिस ने सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश किया। जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। फिलहाल, पुलिस पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह का संचालन या फंड ट्रांसफर में नेपाल के लोगों की क्या भूमिका रही है। इसके अलावा अन्य संभावित साथियों की तलाश जारी है।


