भास्कर न्यूज | तरनतारन गांव शेरों स्थित बंद पड़ी चीनी मिल को दोबारा चालू करवाने और मिल की जमीन बचाने की मांग को लेकर किसान संगठनों का संघर्ष लगातार जारी है। इसी क्रम में धरना दे रहे 17 किसानों को वीरवार को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। तीसरे दिन प्रशासन ने सभी किसानों को केंद्रीय जेल गोइंदवाल साहिब से रिहा कर दिया। रिहा होते ही किसान नेताओं ने आंदोलन को और तेज करने का ऐलान किया। रिहाई के मौके पर किसान नेता गुरप्रीत सिंह गंडीविंड, सुलखन सिंह तुड़ और डॉ. अमरजीत सिंह ने कहा कि गांव शेरों की चीनी मिल को घाटे का हवाला देकर बंद किया गया था, बाद में मिल की मशीनरी भी उखाड़ ली गई। किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि मिल की जमीन में किसानों की करीब 60 प्रतिशत हिस्सेदारी है, लेकिन सरकार इस हिस्सेदारी को नजरअंदाज कर जमीन अलग-अलग विभागों को अलाट करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मिल को दोबारा चालू करने और जमीन की सुरक्षा संबंधी मांगें पूरी नहीं की गईं, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। किसानों ने स्पष्ट किया कि वे अपने हक की जमीन और इलाके के आर्थिक विकास के लिए संघर्ष जारी रखेंगे तथा आने वाले दिनों में बड़े स्तर पर प्रदर्शन की रणनीति बनाई जाएगी।


