भास्कर न्यूज | कोरबा टीपी नगर के राजीव गांधी ऑडिटोरियम में बुधवार को श्रमिक सम्मेलन में श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने 3110 श्रमिकों को प्रदेश सरकार की विभिन्न योजनाओं से 1 करोड़ 23 लाख रुपए की सहायता राशि वितरित की। यह सम्मेलन में मंत्री देवांगन ने कहा कि श्रमिकों का सशक्तिकरण समृद्ध व विकसित छत्तीसगढ़ की आधारशिला है। श्रमवीर प्रदेश की रीढ़ हैं। उनके अथक परिश्रम और समर्पण से ही बड़े निर्माण, अधोसंरचना विकास और औद्योगिक प्रगति संभव हुई है। श्रमिकों के खून-पसीने की मेहनत से ही प्रदेश विकास की नई ऊंचाइयों को प्राप्त कर रहा है। श्रमिकों के सम्मान, सुरक्षा और सर्वांगीण विकास के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। श्रमिकों व उनके परिवार को कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिला है। इस तरह दो साल में 800 करोड़ की राशि डीबीटी के जरिए ट्रांसफर की जा चुकी है। मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना से 2840 श्रमिक परिवार के बच्चों को 59 लाख 63 हजार रुपए की मदद मिली है। इसी तरह मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना से 190 श्रमिकों को 38 लाख रुपए, मिनीमाता महतारी जतन योजना के 44 हितग्राहियों को 8 लाख 80 हजार रुपए, मुख्यमंत्री श्रमिक सियान सहायता योजना से 20 हितग्राहियों को 4 लाख रुपए, मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु और दिव्यांग सहायता योजना के 13 हितग्राहियों को 13 लाख रुपए, नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना से 3 हितग्राहियों को 26 हजार रुपए सहायता राशि खाते में भेजी गई है। सम्मेलन स्थल पर विभाग ने स्टॉल लगाकर पंजीकृत श्रमिकों के लिए संचालित कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। इस मौके पर श्रमिकों का पंजीकरण और नवीनीकरण किया गया। स्वास्थ्य विभाग ने श्रमिकों का स्वास्थ्य परीक्षण कर निशुल्क दवाइयां बांटी। महापौर बोलीं- छग की भूमि पर श्रमिकों का अहम योगदान महापौर संजूदेवी राजपूत ने कहा कि छत्तीसगढ़ की भूमि में श्रमिकों का योगदान अहम है। उनके बिना विकास की परिकल्पना भी संभव नही है। श्रमवीरों और उनके परिवार के हित में सरकार की ओर से अनेक योजनाएं संचालित की जा रही है।


