छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़ स्थित डॉ. आर.एन.एस. बी.एड. कॉलेज में श्रम विभाग ने एक महत्वपूर्ण सेमिनार का आयोजन किया। यह सेमिनार मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिकों के बच्चों के लिए निःशुल्क कोचिंग सहायता योजना के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए आयोजित की गई। योजना का मुख्य उद्देश्य श्रमिक वर्ग के बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में मदद करना है। इससे उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ा जा सकेगा। योजना में वे अभ्यर्थी पात्र हैं जिनके माता-पिता एक वर्ष से श्रमिक मंडल में पंजीकृत हैं। लाभार्थी श्रमिक या उनकी पहली दो संतानें इस सुविधा का लाभ ले सकते हैं। शर्त यह है कि वे संबंधित प्रतियोगी परीक्षा की न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता पूरी करते हों। आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाया गया है। उम्मीदवार स्वयं, चॉइस सेंटर या श्रम कार्यालय के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। योजना के तहत CGPSC, CGVYAPAM, SSC, बैंकिंग और रेलवे परीक्षाओं की तैयारी कराई जाएगी। कोचिंग ऑनलाइन माध्यम से लाइव और रिकॉर्डेड क्लास के रूप में दी जाएगी। साथ ही अध्ययन सामग्री भी उपलब्ध कराई जाएगी। श्रम विभाग का संकल्प “श्रमिक का बच्चा, श्रमिक नहीं रहेगा” इस योजना से साकार होता दिख रहा है। यह पहल समाज के वंचित वर्ग के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।


