भास्कर न्यूज| महासमुंद महासमुंद में गुरुवार को छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के तत्वावधान में श्रमिक सम्मेलन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह थे। इस अवसर पर जिले के 3,106 पंजीकृत श्रमिकों के बैंक खातों में 1 करोड़ 51 लाख 57 हजार 630 रुपये की सहायता राशि सीधे डीबीटी के माध्यम से अंतरित की गई। मुख्य अतिथि डॉ. सिंह ने श्रमिकों को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार श्रमिकों के सामाजिक और आर्थिक उत्थान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि निर्माण और असंगठित क्षेत्र के श्रमिक प्रदेश के विकास की रीढ़ हैं। सुशासन और पारदर्शिता के साथ योजनाओं का लाभ सीधे श्रमिकों तक पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने श्रमिकों से अपने कार्ड का नवीनीकरण कराने और बच्चों की शिक्षा पर ध्यान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि श्रमिकों को आत्मनिर्भर बनाना और उनके परिवारों को सुरक्षित भविष्य देना शासन की प्राथमिकता है। इस दौरान श्रम पदाधिकारी डीएन पात्र ने विभागीय प्रतिवेदन में बताया कि पिछले ढाई वर्षों में 44,373 नए श्रमिक पंजीकृत हुए। अब तक 26,256 श्रमिकों को 23 करोड़ 43 लाख से अधिक की राशि दी जा चुकी है। इस मौके पर पूर्व राज्य मंत्री पूनम चंद्राकर, पूर्व विधायक डॉ. विमल चोपड़ा, जिला पंचायत उपाध्यक्ष भीखम सिंह ठाकुर, जनपद अध्यक्ष दिशा दीवान, स्काउट एवं गाइड के राज्य आयुक्त इंद्रजीत सिंह गोल्डी, जिलाध्यक्ष येतराम साहू सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और श्रमिक उपस्थित थे। अन्न सहायता योजना सैकड़ों श्रमिकों की मिटा रही भूख: शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न सहायता के तहत महासमुंद के बस स्टैंड और बिरकोनी में श्रमिकों को मात्र 5 रुपये में भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। इस योजना के तहत अब तक 1.34 लाख से अधिक श्रमिकों को भोजन उपलब्ध कराया गया है। नेक पहल… ई-रिक्शा ने बदली ललिता की जिंदगी सम्मेलन का मुख्य आकर्षण दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना रही। इसके तहत नयापारा निवासी ललिता महानंद को ई-रिक्शा प्रदान किया गया। ललिता ने भावुक होकर बताया कि 1 लाख रुपये की सब्सिडी वाली इस योजना ने उनके परिवार की राह आसान कर दी है। मुख्य अतिथि डॉ. सिंह और विधायक सिन्हा ने स्वयं ई-रिक्शा की सवारी कर ललिता का उत्साहवर्धन किया।


