श्रीगंगानगर की न्यू क्लोथ मार्केट में गुरुवार को आग लगने की मॉक ड्रिल की गई। नागरिक सुरक्षा विभाग के उप नियंत्रक एवं एसडीएम नयन गौतम ने बताया- सूचना मिलते ही रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और बचाव कार्य शुरू किया। यह पूरी घटना हमारी मॉक ड्रिल का हिस्सा थी, जिससे हमने आपदा से निपटने की क्षमता को परखा। जिला कलेक्टर डॉ. मंजू ने कहा- विभाग पहले भी ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और नहर बचाव जैसे अभियानों में आगे रहा है। आज की मॉक ड्रिल ने साबित किया कि हम किसी भी आपदा से निपटने के लिए तैयार हैं। मॉक ड्रिल का सीन कुछ ऐसा था. नागरिक सुरक्षा के चीफ वार्डन निर्मल जैन ने बताया- मॉक ड्रिल में एक दुकान की पहली मंजिल पर एसी में शॉर्ट सर्किट से आग लगने का सिमुलेशन किया गया। आग तेजी से फैली और कपड़ों के भंडारण के कारण दो पड़ोसी दुकानों को भी चपेट में ले लिया। ज्वलनशील सामान से आग विकराल हो गई, धुआं इतना घना कि पूरा बाजार क्षेत्र अंधेरा हो गया। लोग अफरा-तफरी में इधर-उधर भागने लगे। आग दूसरी मंजिल तक पहुंच गई, जहां मार्केट में सार्वजनिक सीढ़ियां न होने से राहत कार्य मुश्किल हो गया। टीम को संकरी दुकानी सीढ़ियों से ऊपर चढ़ना पड़ा। बचाव कार्य में ये लोग रहे शामिल फायर अधिकारी अनिल शर्मा और वरिष्ठ अधिकारी मनोज कुमार के नेतृत्व में फायरमैन सुखवंत सिंह ने जोखिम भरे माहौल में आग पर काबू पाया। सीडीआई किशन स्वामी, हरीश कुमार और रंजीत ने फायरमैन लिफ्ट, रस्सी और स्लाइडिंग तकनीक से ऊपरी मंजिलों से फंसे लोगों को सुरक्षित नीचे उतारा। महिला स्वयंसेवक पूनम और कृष्णा ने धुएं और अफरा-तफरी के बीच घायल महिलाओं को फायरमैन लिफ्ट तकनीक से सुरक्षित बाहर निकाला और समय पर अस्पताल पहुंचाया। मौके पर मौजूद लोगों ने उनके हौसले की खूब सराहना की। यह मॉक ड्रिल न सिर्फ विभाग की तैयारियों को परखने में सफल रही, बल्कि यह संदेश भी दिया कि सही प्रशिक्षण और त्वरित कार्रवाई से बड़ी आपदाओं को रोका जा सकता है।


