यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के आह्वान पर मंगलवार को देशव्यापी हड़ताल के कारण श्रीगंगानगर सहित देशभर में सरकारी बैंकों की शाखाएं बंद रहीं। पिछले दो दिनों से साप्ताहिक अवकाश और गणतंत्र दिवस की छुट्टी के चलते पहले से ही बैंक बंद थे। अब हड़ताल के कारण लगातार तीसरे दिन बैंकों में ताले लटके नजर आए। वहीं, बैंक कर्मचारी बीरबल चौक स्थित पंजाब नेशनल बैंक के पास एकजुट हुए और केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन किया। हड़ताल के चलते कैश जमा-निकासी, चेक क्लीयरेंस, लोन, FD/RD जैसे सभी ब्रांच-लेवल काम पूरी तरह रुक गए। आम जनता को खासा परेशानी हुई और बाजार में कैश की किल्लत, व्यापारियों के लेन-देन अटके रहे। बैंक यूनियनों ने मांग की है कि बैंकों में सोमवार से शुक्रवार तक काम हो। शनिवार और रविवार अवकाश हो। फिलहाल सिर्फ महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को छुट्टी मिलती है, बाकी शनिवार पूरे कार्य दिवस होते हैं। यूनियनों का कहना है कि यह मांग नई नहीं। 7 दिसंबर 2023 को इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) और यूनियनों के बीच समझौता हुआ था। फिर 8 मार्च 2024 को सेटलमेंट/ज्वाइंट नोट पर हस्ताक्षर हुए, जिसमें तय हुआ कि रोजाना 40 मिनट अतिरिक्त काम (20 मिनट पहले और 20 मिनट बाद) के बदले बाकी सभी शनिवार छुट्टी रहेगी। यह प्रस्ताव सरकार को भेजा गया, लेकिन पिछले दो साल से मंजूरी अटकी हुई है। विशेषज्ञों का कहना है कि डिजिटल बैंकिंग के युग में 5-डे वर्क वीक लागू करना संभव है। क्योंकि UPI, इंटरनेट बैंकिंग, AePS जैसी सुविधाएं 24×7 उपलब्ध हैं। लेकिन ब्रांच-लेवल सेवाओं पर असर पड़ना तय है, जब तक सरकार अधिसूचना जारी नहीं करती। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं हो जाती आंदोलन चलता रहेगा।


