नरियरा | नगर पंचायत नरियरा में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा का पंचम दिवस श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा स्थल पर पहुंचे और भजन-कीर्तन तथा आध्यात्मिक वातावरण से पूरा क्षेत्र भक्तिमय रहा। कथा व्यास ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन करते हुए बताया कि जन्म के छह दिन बाद ही उन्होंने राक्षसी पूतना का उद्धार किया। उन्होंने कहा कि भगवान सदैव दुष्टों का विनाश और सज्जनों का कल्याण करते हैं, इसलिए धर्म और मर्यादा का पालन आवश्यक है। गोवर्धन पूजा प्रसंग में उन्होंने प्रकृति को भगवान का स्वरूप बताते हुए कहा कि प्रकृति की सेवा ही ईश्वर सेवा है। साथ ही पर्यावरण संरक्षण और गौ-सेवा का संदेश दिया गया। महारास लीला का वर्णन करते हुए कथा व्यास ने आत्मा-परमात्मा के मिलन का महत्व समझाया और कहा कि भक्ति ही उस मिलन का सरल माध्यम है। कथा के दौरान युवराज सिंह राठौर और उनके साथियों द्वारा प्रस्तुत मधुर भजन-कीर्तन ने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। सभी भक्त भक्ति रस में झूमते हुए कथा का आनंद लेते दिखाई दिए।


