श्रीराम जानकी तपोवन मंदिर में गुरुवार को भगवान को अस्थाई मंदिर में स्थानांतरित करने के धार्मिक अनुष्ठान शुरू हो गए। धार्मिक अनुष्ठान 15 दिसंबर तक जारी रहेंगे। श्रीराम जानकी मंदिर के महंत ओम प्रकाश शरण के अलावा भिवानी से आए रामायणी रामाश्रय शरण महाराज, अयोध्या से आए रामनरेश शरण महाराज, आचार्य बद्री विशाल तिवारी, आचार्य जय राम शरण समेत विजय पांडे, कुंज बिहारी पांडे, मिथिलेश पांडे, अजय मिश्रा और तपोवन मंदिर के प्रधान पुजारी समेत अन्य पुजारी ने धार्मिक अनुष्ठान शुरू किए। सेवक प्रणय कुमार और प्रीति वर्मा की मौजूदगी में भगवान का मुख्य पूजन किया गया और शयन आरती के साथ मंदिर के पट बंद कर दिए गए। 15 दिसंबर को दोपहर 12 बजे आम भक्तों के लिए मंदिर के पट खोले जाएंगे। मंदिर के महंत ओम प्रकाश शरण के अनुसार 15 दिसंबर को 4 बजे कलश स्थापित किए जाएंगे और गौरी गणेश पूजन के बाद जाप किया जाएगा। इस दौरान भगवान शालिग्राम, भगवान जगन्नाथ प्रभु और भोलेनाथ का पूजन जारी रहेगा। विग्रहों की प्रतिष्ठा होने तक भजनों और सुंदरकांड का पाठ भी चलेगा और आरती प्रसाद के साथ अनुष्ठान का समापन होगा। मंदिर के नवनिर्माण के लिए पुराने भवन को गिराने का काम 15 के बाद 15 दिसंबर के बाद मंदिर के नवनिर्माण के लिए पुराने भवन को गिराने का काम शुरू हो जाएगा। इसी के साथ ही मंदिर निर्माण के लिए पत्थर की आधारशिला रखी जाएगी। आधारशिला से लेकर प्लिंथ तक का काम पूरा होगा। इसके बाद राजस्थान के मकराना से तराश कर लाए गए पत्थरों की जुड़ाई का काम शुरू हो जाएगा। मंदिर निर्माण में कहीं भी लोहे की छड़ का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा और अयोध्या में बने श्री राम लला मंदिर की तरह ही इस मंदिर का निर्माण किया जाएगा। 100 करोड़ रुपए की लागत से नवनिर्माण होगा। मंदिर का भवन एक तल्ला होगा। विग्रहों की प्रतिष्ठा होने तक भजनों और सुंदरकांड का पाठ जारी रहेगा


