आज श्री गुरु नानक देव जी के अदब और सम्मान के विरुद्ध टिप्पणी करने के मामले में बरनाला निवासी गुरजंट सिंह की श्री अकाल तख्त साहिब में पेशी हुई। जत्थेदार सिंह साहिब ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज के आदेशों के तहत गुरजंट सिंह को श्री अकाल तख्त साहिब के सचिवालय में तलब किया गया था, जहां वे निर्धारित समय पर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हुए। आज की इस पेशी के दौरान गुरजंट सिंह ने जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज को अपना लिखित स्पष्टीकरण सौंपा। हालांकि पेशी के बाद गुरजंट सिंह ने मीडिया से किसी भी प्रकार की बातचीत करने से साफ इनकार कर दिया और बिना कोई बयान दिए वहां से चले गए। दरअसल, यह पूरा मामला बीते दिनों एक गुरमत समागम के दौरान सामने आया था, जब श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की पावन हजूरी में श्री गुरु नानक देव जी के अदब और सम्मान के विरुद्ध कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणियां की गई थीं। इस घटना को श्री अकाल तख्त साहिब ने बेहद गंभीरता से लिया है। श्री अकाल तख्त साहिब के सचिवालय की ओर से जारी बयान में स्पष्ट शब्दों में कहा गया है कि सिख धर्म में गुरु साहिबान का अदब और सम्मान सर्वोपरि है। किसी भी व्यक्ति को सिख गुरुओं की मर्यादा के खिलाफ बोलने या बयान देने का कोई अधिकार नहीं है। ऐसे कृत्य पूरे खालसा पंथ की भावनाओं को आहत करते हैं और इन्हें किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बयान में यह भी दोहराया गया है कि गुरजंट सिंह द्वारा दिए गए लिखित स्पष्टीकरण की गहन जांच के बाद ही मामले में अगली कार्रवाई तय की जाएगी। श्री अकाल तख्त साहिब ने संकेत दिए हैं कि पंथ की मर्यादा से जुड़े मामलों में तख्त निर्णय लिए जाएंगे।


