श्री सांवलियाजी में खुला भंडार, मासिक मेला शुरू:पहले दिन 3 करोड़ रुपयों की हुई काउंटिंग, भीड़ बढ़ने से रुकी गिनती

श्री सांवलियाजी में रविवार को मासिक मेले की शुरुआत हुई। चतुर्दशी के मौके पर रविवार को दानपात्र खोला गया। पहले दिन 3 करोड़ रुपयों की गिनती की गई। लेकिन अचानक भीड़ बढ़ने से मंदिर प्रशासन ने काउंटिंग रोक दी।
अब अमावस्या, न्यू ईयर, छुट्टियों में होने वाली भीड़ को देखते हुए काउंटिंग 6 जनवरी को की जाएगी। आने वाले दिनों में भीड़ बढ़ने की संभावना को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने कई व्यवस्थाएं की है। बता दे कि कोविड के बाद नए साल में होटलों में पार्टी करने की जगह लोग अब मंदिरों में आना ज्यादा पसंद कर रहे है। इस ट्रेंड के बढ़ने से मंदिरों में काफी भीड़ देखी जा सकती है। मेवाड़ के कृष्णधाम श्री सांवलिया जी मंदिर में रविवार को राजभोग आरती के बाद मंदिर मंडल की CEO प्रभा गौतम, अध्यक्ष भैरूलाल गुर्जर ने कड़ी सुरक्षा में भंडार खोला। भंडार से निकली राशि की काउंटिंग शुरू हुई। लगभग 3 करोड़ रुपयों की गिनती के बाद अचानक भीड़ बढ़ने से काउंटिंग रोक दी गई। ज्यादा भीड़ के समय गणना स्थल के बीच होकर ही श्रद्धालुओं के दर्शन की कतारें चलाई जाती है। 6 जनवरी को होगी काउंटिंग नोटों के ढेर से सोने-चांदी की छंटनी की गई। इसके बाद भी बड़ी मात्रा में नोट और चिल्लर अलग किए] जिनकी गिनती की जानी है। इस दौरान मंदिर मंडल सदस्य भेरूलाल सोनी, अशोक शर्मा, संजय मंडोवरा, श्रीलाल पाटीदार, ममतेश शर्मा और शंभूलाल सुथार मौजूद थे। सोमवार को अमावस्या होने के कारण गिनती नहीं होगी। वहीं नए साल की धूम लगभग 3 जनवरी तक रहेगी। इसके कारण उन दिनों में भीड़ रहने से गिनती नहीं होगी। इसके बाद शनिवार और रविवार को भी भीड़ रहने की संभावना है। इसलिए अब काउंटिंग 6 जनवरी को ही की जाएगी। एक जगह से ही होगी एंट्री
अभी बच्चों की सर्दियों की छुट्टियां है। यह छुट्टियां जनवरी महीने के पहले हफ्ते तक रहेगी। इसके कारण श्री सांवलियाजी में अचानक भक्तों की भीड़ बढ़ गई है। कोविड के समय से न्यू ईयर सेलिब्रेशन होटल में पार्टी करने की जगह देव दर्शन करके किया जा रहा है।
इस ट्रेंड के बढ़ने से मंदिरों में लगातार भीड़ बढ़ती जा रही है। इसको देखकर मंदिर प्रशासन ने कुछ तैयारियां की है। श्रद्धालुओं की एंट्री के लिए एकमात्र सिंहद्वार वाले रास्ते से होगा। अन्य सभी प्रवेश द्वार पूरी तरह से बंद रहेंगे। जिसके लिए कुरेठा नाका चौराहे से श्रद्धालुओं का प्रवेश होगा जो सिंहद्वार से होते हुए मंदिर में पहुंचेंगे।
यातायात और पार्किंग व्यवस्था के लिए मंदिर प्रशासन ने आने वाले श्रद्धालुओं के गाड़ियों की पार्किंग कस्बे से बाहर रखी है। जिससे श्रद्धालुओं को मंदिर क्षेत्र और कस्बे में घूमने में समस्या का सामना नहीं करना पड़े। गाड़ियों के पार्किंग का रूट
भादसोड़ा चौराहा से आने वाले गाड़ियों के लिए रेफरल हॉस्पिटल के पास बाईपास पार्किंग पर, बानसेन और भदेसर मार्ग की ओर से आने वाले गाड़ियों के लिए कुरेठा बाईपास होते हुए रेफरल अस्पताल पार्किंग, निंबाहेड़ा मार्ग की ओर से आने वाले गाड़ियों के लिए गौशाला के रोड वाली पार्किंग और गोकुल विश्रांति गृह के सामने पार्किंग, आवरीमाता की ओर से आने वाले गाड़ियों के लिए गोकुल विश्रांति गृह के पास वाली पार्किंग रखी गई है। अलाव की होगी व्यवस्था
सर्द मौसम और ठंड को देखते हुए कस्बा क्षेत्र के अलग-अलग चौराहों, तिराहों पर लकड़ियां डालकर अलाव जलाने की व्यवस्था रहेगी। इसके अलावा नि:शुल्क बिस्तर की व्यवस्था की जा रही है। ठहरने की है व्यवस्था
श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए कस्बे में कई प्राइवेट और मंदिर मंडल की गेस्ट हाउस, धर्मशालाएं संचालित है। जिसमें मंदिर मंडल के द्वारा संचालित धर्मशालाओं में रोज की तरह ही निश्चित दर पर कमरा मिलेगा। इसके अलावा करीब 250 निजी होटल और गेस्ट हाउस पर लगभग 50 प्रतिशत से भी ज्यादा किराया राशि बढ़ोतरी के साथ बुकिंग होना शुरू हो गई है। मंदिर प्रशासन की अपील
मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं से यह भी अपील की है कि दर्शन करने के लिए व्यवस्थित कतारों में चले। किसी प्रकार धक्का—मुक्की नहीं करें और व्यवस्था में तैनात सुरक्षा कर्मियों के निर्देशों की पालना करें। इसके अलावा जेवर, पर्स और मोबाइल आदि कीमती सामान लेकर भीड़ में नहीं आए और सावधानी रखें। सुरक्षा व्यवस्था के लिए करीब 500 अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी बुलाए गए हैं। जो अलग-अलग पारियों में मंदिर एवं बाहरी क्षेत्र में ड्यूटी पर तैनात रहेंगे।

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