भास्कर न्यूज | लुधियाना सिद्ध पीठ महाबली संकटमोचन श्री हनुमान मंदिर हैबोवाल कलां के एक प्रतिनिधिमंडल ने महाराष्ट्र के पावन तीर्थों की यात्रा कर आध्यात्मिक ऊर्जा प्राप्त की। मंदिर के प्रधान अमन जैन और उपप्रधान अनुज मदान के नेतृत्व में इस जत्थे ने पंढरपुर स्थित विश्वप्रसिद्ध श्री विट्ठल-रुक्मिणी मंदिर और माता अम्बाबाई महालक्ष्मी जी के चरणों में शीश नवाया। यात्रा के दौरान मंदिर के आचार्य पं. विष्णु ने श्रद्धालुओं को इन ऐतिहासिक मंदिरों के पौराणिक महत्व से अवगत कराया। अनुज मदान ने बताया कि भगवान विट्ठल जो श्री कृष्ण का ही स्वरूप हैं अपनी कमर पर हाथ रखकर एक ईंट पर विराजमान हैं। यह स्वरूप भक्त पुंडलिक की माता-पिता के प्रति सेवा का प्रतीक है। प्रधान अमन जैन व सचिव सौरव जैन ने कहा कि ऐसी तीर्थ यात्राओं का उद्देश्य केवल दर्शन करना नहीं, बल्कि समाज में एकता और आध्यात्मिक जागृति पैदा करना है। इस शिष्टमंडल में संदीप पब्बी, अरविंद टिल्लू, अंशुमन डावर , यादविंदर मड़कन व अन्य शामिल रहे।


