संजू बोले-धोनी, कोहली और रोहित से मैच फिनिश करना सीखा:कोच गंभीर ने कहा- सैमसन वर्ल्ड क्लास प्लेयर, बुमराह ने हमेशा साथ दिया

भारत ने कोलकाता में वेस्टइंडीज को 5 विकेट से हरा दिया। इस जीत के हीरो रहे संजू सैमसन, जिन्होंने 50 गेंदों पर नाबाद 97 रन की मैच जिताऊ पारी खेली और प्लेयर ऑफ द मैच बने। मुकाबले के बाद सैमसन ने कहा कि उन्होंने मैच फिनिश करना महेंद्र सिंह धोनी, विराट कोहली और रोहित शर्मा से सीखा है। वहीं कोच गौतम गंभीर ने उन्हें वर्ल्ड क्लास प्लेयर बताया, जबकि जसप्रीत बुमराह की सराहना करते हुए सैमसन ने कहा कि बुमराह ने हमेशा टीम का साथ दिया है। विराट, रोहित और धोनी से सीखा मैच फिनिश करना सैमसन ने अपनी सफलता का श्रेय टीम के सीनियर खिलाड़ियों को दिया। उन्होंने कहा, मैं लंबे समय से इस फॉर्मेट में खेल रहा हूं। मेरे पास लगभग 12 साल का IPL अनुभव है और पिछले 10 साल से मैं राष्ट्रीय टीम के सेटअप का हिस्सा हूं। भले ही मैंने ज्यादा अंतरराष्ट्रीय मैच (करीब 50-60) नहीं खेले हों, लेकिन डगआउट में बैठकर मैंने विराट कोहली, रोहित शर्मा और एमएस धोनी जैसे दिग्गजों को करीब से देखा है। मैंने लगभग 100 मैच सिर्फ उन्हें ऑब्जर्व करने में बिताए हैं कि वे कैसे मैच फिनिश करते हैं और परिस्थितियों के अनुसार अपना खेल बदलते हैं। उतार-चढ़ाव भरा रहा करियर, खुद पर भी हुआ शक अपनी यात्रा को याद करते हुए संजू ने कहा, देश के लिए खेलने का सपना मैंने बचपन से देखा था। आज का दिन मेरे लिए बेहद खास है। मेरे करियर में कई उतार-चढ़ाव आए। कई बार खुद पर भी शक हुआ, लेकिन मैंने विश्वास बनाए रखा। भगवान का शुक्र है कि आज मुझे यह मौका मिला। यह मेरे जीवन के सबसे बड़े दिनों में से एक है। सूर्या बोले- सेमीफाइनल में पहुंचना टीम की मेहनत का नतीजा मैच के बाद सूर्यकुमार ने कहा, यह जीत हमारे लिए बहुत खास है। यह मुकाबला क्वार्टरफाइनल जैसा था। जिस तरह खिलाड़ियों ने दबाव में खेल दिखाया, वह काबिल-ए-तारीफ है। टूर्नामेंट की शुरुआत से हमने जैसा खेल दिखाया है, उसके दम पर हम सेमीफाइनल में पहुंचना डिजर्व करते थे। संजू को लेकर सूर्या बोले- अच्छे लोगों के साथ अच्छा ही होता है संजू सैमसन की मैच जिताऊ पारी पर कप्तान ने कहा, मैं हमेशा कहता हूं कि जो लोग इंतजार करते हैं और मेहनत करते हैं, उनके साथ अच्छा ही होता है। संजू जब टीम से बाहर थे, तब भी वह लगातार अपनी स्किल्स पर काम कर रहे थे। आज उन्हें उसी कड़ी मेहनत का फल मिला है। उन्होंने जिस तरह से पारी को संभाला, उसने मैच को हमारे पक्ष में मोड़ दिया। ओस को ध्यान में रखकर बनाई थी रणनीति भारतीय कप्तान ने बताया कि टीम ने 196 रन के लक्ष्य का पीछा करते समय ओस के असर को ध्यान में रखते हुए रणनीति बनाई थी। उन्होंने कहा, हम जानते थे कि ओस के कारण गेंद बल्ले पर अच्छी आएगी और 200 रन का लक्ष्य भी हासिल किया जा सकता है। इसलिए हमारी योजना मैच को आखिर तक ले जाने की थी। गेंदबाजों ने भी अपनी योजना के अनुसार अच्छा प्रदर्शन किया। वेस्टइंडीज के कप्तान बोले- हमने 15-20 रन कम बनाए हार के बाद वेस्टइंडीज के कप्तान शाई होप ने माना कि उनकी टीम उम्मीद के मुताबिक स्कोर नहीं खड़ा कर पाई। होप ने कहा, हम कुछ रन कम रह गए। इस मैदान पर, जहां रन आसानी से बनते हैं, वहां हमें आखिरी ओवरों में ज्यादा तेजी से रन बनाने चाहिए थे। संजू ने बेहतरीन पारी खेली, उसका श्रेय उन्हें जाता है। हालांकि हमारे स्पिनर्स अकील होसेन और गुडाकेश मोती ने पूरे टूर्नामेंट में अच्छी गेंदबाजी की, लेकिन आज हम फिनिशिंग लाइन पार नहीं कर सके। संजू ने पारी को बहुत अच्छे से पेस किया कोच गौतम गंभीर ने संजू सैमसन की बल्लेबाजी पर बात करते हुए कहा, संजू एक वर्ल्ड क्लास खिलाड़ी हैं। उनके पास अनुभव है और उन्होंने इसे बखूबी दिखाया। जिम्बाब्वे के खिलाफ मैच में भी उन्होंने अपनी भूमिका निभाई थी। यहां उन्होंने अंधाधुंध बल्लेबाजी करने के बजाय अपनी पारी को बहुत समझदारी से आगे बढ़ाया। मुझे उम्मीद है कि वह यहां से अपने प्रदर्शन को और बेहतर करेंगे। ईशान किशन और संजू दो बेहतरीन विकल्प विकेटकीपर-बल्लेबाज की भूमिका पर गंभीर ने कहा कि टीम के पास संजू सैमसन और ईशान किशन के रूप में दो बहुत अच्छे खिलाड़ी मौजूद हैं। ये दोनों खिलाड़ी बेहतरीन बल्लेबाजी के साथ-साथ विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी भी संभाल सकते हैं। इससे टीम को प्लेइंग-11 चुनने में काफी लचीलापन मिलता है। बुमराह हमारे ‘बैंकर’ हैं, हर मुश्किल में उनके पास जाते हैं गौतम गंभीर ने जीत का श्रेय पूरी टीम को देते हुए कहा, सिर्फ संजू ने ही नहीं, बल्कि शिवम दुबे ने भी अंत में दो महत्वपूर्ण चौके लगाकर मैच हमारे पक्ष में रखा। जसप्रीत बुमराह हमारे लिए ‘बैंकर’ की तरह हैं। जब भी टीम को जरूरत होती है, हम उन्हीं के पास जाते हैं। इस पूरे रन चेज के दौरान हमें कभी नहीं लगा कि हम खेल से बाहर हैं। डेटा ओवररेटेड है, कप्तानी अनुभव से चलती है बल्लेबाजी कॉम्बिनेशन और गेंदबाजी बदलावों पर पूछे गए सवाल पर गंभीर ने बेबाकी से जवाब दिया। उन्होंने कहा, डेटा को जरूरत से ज्यादा तवज्जो दी जाती है। मैदान पर चीजें अनुभव से समझी जाती हैं। कप्तान ही आखिरी फैसला लेता है और बड़े मैचों में सब कुछ आपकी मानसिक मजबूती पर निर्भर करता है।

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