सचिवालय स्थित राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन (181) के सेंटर पर गुरुवार को नजारा बदला हुआ था। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव (एसीएस) अपर्णा अरोड़ा खुद हेडफोन लगाकर ऑपरेटर की कुर्सी पर बैठी नजर आईं। उन्होंने रैंडमली शिकायतों की फाइलें उठाईं और परिवादियों को फोन लगाकर सीधा फीडबैक लिया। निरीक्षण के दौरान अरोड़ा ने कई जिलों के शिकायतकर्ताओं से बात की। समीक्षा में सामने आया कि सामाजिक न्याय विभाग शिकायतों को निपटाने में प्रदेश के टॉप विभागों में शामिल है। कुल शिकायतें (1 साल) में 259977 दर्ज हुई। इनमें से 97 प्रतिशत का समाधान हुआ। शिकायतों के समाधान का औरसत समय 13 दिन का रहा है। नया टारगेट औसत समय 10 दिन से कम करना का लक्ष्य रखते हुए काम शुरू किया गया है। अरोड़ा ने अधिकारियों को निर्देश दिए है कि जब तक परिवादी संतुष्ट नहीं होता, तब तक निस्तारण अधूरा माना जाएगा। शिकायतों के निस्तारण में पारदर्शिता के निर्देश दिए।


