बीती 18 फरवरी को गांव जियोंद में किसानों और पुलिस के बीच हुई हिंसक झड़प के दौरान पुलिस की कार्रवाई के विरोध में संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर किसान संगठनों ने 6 मार्च को बठिंडा के डीसी दफ्तर आगे राज्य स्तरीय धरने का एलान किया है। उक्त धरने की तैयारियों को लेकर जिले के अलग-अलग गांवों में भारतीय किसान यूनियन एकता उग्राहां के नेतृत्व में मीटिंग का दौर जारी है। यूनियन प्रधान शिंगारा सिंह मान के नेतृत्व में गांव जियोंद में मीटिंग आयोजित की गई जिसमें प्रधान शिंगारा सिंह मान तथा जनरल सचिव हरजिंदर बग्गी ने कहा केंद्र की मोदी सरकार की नीतियों पर चलकर पंजाब की भगवंत मान सरकार भी लिखने और बोलने की आजादी पर पाबंदी लगा रही है तथा उनके खिलाफ झूठे पुलिस केस दर्ज कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया 18 फरवरी को गांव जियोंद में सत्थ में बैठे किसानों पर बठिंडा पुलिस प्रशासन द्वारा एसएसपी डा. ज्योति यादव बैंस के नेतृत्व में अत्याचार किया गया । उन्होंने कहा धरने प्रदर्शन का जमहूरी हक बहाल कराने तथा एसएसपी ज्योति यादव समेत अन्य पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर बठिंडा में पंजाब की किसान, मजदूर, मुलाजिम, विद्यार्थी संगठन, नौजवान तथा अन्य सार्वजनिक संगठनों द्वारा 6 मार्च को रोष प्रदर्शन किया जाएगा। महिला यूनियन की जिला प्रधान हरिंदर कौर बिंदू ने समूह किसान महिलाओं को अपील की कि वे यूनियन द्वारा बनाए गए प्रोग्राम अनुसार अधिक से अधिक संख्या में भाग लें। मीटिंग में जसवीर सिंह बुर्ज सेमा,जगदेव सिंह जोगेवाला, नछत्तर सिंह ढड्डे, जगसीर सिंह झुंबा समेत सभी ब्लाक तथा गांव कमेटियों के प्रितनिधि मौजूद रहे।


