कोतवाली पुलिस ने सटोरिया गिरोह के आयुष सिन्हा उर्फ दीप सिन्हा और अमित मिश्रा सहित अन्य सटोरियों के खिलाफ धोखाधड़ी का अपराध दर्ज कर लिया है। यह कार्रवाई सटोरियों द्वारा म्युल अकाउंट खुलवाकर उसका उपयोग करने के एक मामले में की गई है। पुलिस ने म्युल अकाउंट खुलवाने वाले एक सहयोगी को गिरफ्तार किया है।
जानकारी के मुताबिक, 13 मई 2024 को पुलिस ने स्काई एक्सचेंज लिंक भेजकर आईपीएल मैच गुजरात टाइटन्स व कोलकाता किंग राइडर्स के बीच चल रहे टी-20 मैच में ऑनलाइन सट्टा खिलवाने वाले आयुष सिन्हा उर्फ दीप सिन्हा (30), अमित मिश्रा (28) एवं शुभम केसरी (28) वर्ष को पकड़ा था। आरोपी अमित मिश्रा ऊर्फ पहलू से जब्त एपल मोबाइल फ़ोन आईफोन-15 से वॉट्सऐप ऐप में किए गए चैट, फोन पे ऐप में लेन-देन से लाखों का सट्टा संचालित करना पाया गया था। पासबुकों की जांच करने पर मिला म्युल अकाउंट
आरोपियों के कब्जे से 19 मोबाइल नग, 03 नग पासबुक , 02 नग चेकबुक, 21 नग एटीएम कार्ड एवं नगद जब्त किया गया था। आरोपियों के खिलाफ धारा छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम की धारा 7, 8 का अपराध दर्ज किया गया था। वर्तमान मे आरोपी जमानत पर हैं। पुलिस ने आरोपियों के द्वारा लेन-देन में उपयोग किए जाने वाले बैंक खातों की जानकारी जुटाई गई। इनमें केनरा बैंक के खाता धारक आभाष पासवान निवासी दर्रीपारा, अंबिकापुर से पूछताछ की गई तो उसने केनरा बैंक में कोई खाता नहीं खोलना बताया। आभाष पासवान से पता चला कि उसने वर्ष 2023 में अपना आधार कार्ड रितिक मंदिलवार को दिया था। इसकी तस्दीक कम में केनरा बैंक अंबिकापुर से खाता ओपनिंग फार्म की मूल प्रति जब्त करने पर हुई। कोतवाली थाना प्रभारी मनीष सिंह परिहार ने बताया कि पुलिस टीम ने रितिक मंदिलवार को हिरासत में लिया तो उसने अमित मिश्रा के कहने पर 15 म्युल अकाउंट खोलने की जानकारी दी। इन खातों में उपयोग अमित मिश्रा एवं अन्य आरोपियों द्वारा किया जा रहा था। पुलिस ने पूर्व में दर्ज मामले में सटोरियों के खिलाफ धारा 467, 468, 471, 120 बी के तहत भी अपराध दर्ज किया है। आरोपी रितिक मंदिलवार को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।


