शहर में ट्रैफिक व्यवस्था स्मूथ बनाने के लिए एसएसपी राकेश रंजन ने एक दिन पहले ही अधिकारियों के साथ बैठक कर प्लान तैयार किया। दिशा-निर्देश भी दिए। हालांकि इसके बाद भी अगले दिन शहर की ट्रैफिक व्यवस्था पर कोई खास असर नहीं दिखा। ट्रैफिक पुलिस के सामने ही शनिवार को दिनभर ट्रैफिक एसपी के आदेश का उल्लंघन होता रहा। शहर में दिनभर रह-रह कर जाम लगता रहा। अॉटो चालक भी मनमानी कर रहे हैं। ट्रैफिक पुलिस के सामने ही ट्रैफिक एसपी के आदेश का उल्लंघन कर रहे, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की जा रही।
ट्रैफिक एसपी ने 10 जनवरी को ही आदेश दिया था कि किशोरी यादव चौक के पास सड़क किनारे कोई भी चालक अॉटो खड़ी नहीं करेंगे। हालांकि अॉटो चालक इसके बाद भी जहां मनाही है, वहीं ट्रैफिक पुलिस के सामने सड़क किनारे दिनभर अॉटो लगा कर सवारी बैठा रहे हैं। मेन रोड में जहां मालवाहक वाहनों के लिए नो इंट्री है, वहीं दिनभर ट्रैफिक पुलिस के सामने माल वाहक वाहनों का परिचालन हो रहा है। ट्रैफिक पुलिस के मिस मैनेजमेंट ने पूरे शहर की यातायात व्यवस्था को ध्वस्त कर दिया है। आदेश का अनुपालन कराने के लिए प्रतिनियुक्त हों नोडल पदाधिकारी असर: जाम की स्थिति उत्पन्न हो रही है। जाम की वजह से वाहन सवार को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। शहर की तीन तस्वीरों से समझिए… कैसे हो रहा आदेश का उल्लंघन असर: चौक में हमेशा। सिग्नल ग्रीन होने के बाद भी वाहन सवार आगे नहीं बढ़ पाते हैं। असर: दिनभर कई जाम लग रहा, वाहन सवार परेशान हो रहे हैं। हकीकत: नो इंट्री में भी माल वाहक अॉटो की इंट्री हो रही है, मेन रोड में दिनभर माल वाहक अॉटो घुस रहे हैं। हकीकत: लालपुर चौक, करमटोली चौक, किशोरी यादव चौक आैर रातू रोड चौक पर 50 मीटर के दायरे में ही अॉटो व ई-रिक्शा लग रही हैं। हकीकत: सड़क किनारे ही चालक दिनभर अॉटो खड़ी कर सवारी उतार रहे हैं आैर बैठा रहे हैं। ट्रैफिक पुलिस मूकदर्शक बनी रहती है। आदेश क्या : मेन रोड में सुबह 9 से रात 9 बजे तक मालवाहक वाहनों की इंट्री नहीं होगी आदेश क्या : चौक-चौराहों के 50 मीटर दायरे में कहीं ऑटो व ई-रिक्शा पार्क नहीं करने देंगे। आदेश क्या : किशोरी यादव चौक के पास सड़क किनारे ऑटो चालक गाड़ी खड़ी नहीं करेंगे वरीय अधिकारी द्वारा दिए गए आदेश का अनुपालन करवाना फिल्ड में तैनात पुलिसकर्मियों का काम है। इस पर लगातार कार्य करना होता है, तब जाकर सड़क पर पोजिटिव प्रभाव दिखाई देता है। इसी के साथ-साथ वरिष्ठ अधिकारी के आदेश पर एक नोडल अधिकारी नियुक्त होना चाहिए, जो समय-समय पर आदेश के अनुपालन की समीक्षा करे एवं वरिष्ठ अधिकारियों को रिपोर्ट करे। प्रफुल्ल जोशी, राष्ट्रीय यातायात विशेषज्ञ


