सड़क दुर्घटनाओं में घायलों को प्राथमिक उपचार कैसे दें:शहर के डॉक्टर और अमेरिका में सर्जन ने लिखी किताब, आम से लेकर खास तक उपयोगी

देश के सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने 1 साल पहले लोकसभा में चर्चा के दौरान कहा था कि देश में सड़क हादसों की संख्या को देखकर कई बार अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेंस में उन्हें अपना मुंह छुपाना पड़ता है, क्योंकि देश में सड़क हादसों दुर्घटनाओं की संख्या बढ़ रही है। हाल ही में उन्होंने दिसंबर में सड़क हादसों को लेकर संसद में जानकारी दी। राज्यसभा में उन्होंने बताया कि भारत में हर साल करीब 5 लाख सड़क हादसे होते हैं जिनमें औसतन 1.8 लाख लोगों की जान जाती है। इनमें से 66 % मौतें युवाओं (18 से 34) साल की होती है। इसी क्रम में बात आती है राजस्थान की।
यहां भी हर साल सड़क दुर्घटना में लाखों लोगों की मौत हो जाती है इन्हीं दुर्घटनाओं को रोकने और दुर्घटना के समय किस प्रकार से घायल का प्राथमिक उपचार किया जाए जिसकी वजह से उसकी जान बचाई जा सके। इसी को लेकर जोधपुर के जाए जन्मे और अब अमेरिका के सर्जन डॉक्टर दिनेश व्यास ने एक ऐसी ही पुस्तक लिखी है जो खास तौर पर पुलिस, फायर ब्रिगेड कर्मचारी, नर्स के लिए तैयार की गई है। इसे पढ़ कर आम आदमी भी सड़क दुर्घटना में घायल मरीजों की मदद कर सकता है। पुस्तक के बारे में साइंटिफिक पब्लिशर्स के डायरेक्टर तनय शर्मा ने बताया कि इस पुस्तक में सड़क दुर्घटना के समय घायल की किस प्रकार से मदद करें, उसे किस सावधानी के साथ अस्पताल तक ले जाया जाए। इसके अलावा विभिन्न पहलुओं पर विस्तार पूर्वक जानकारी दी गई है। मुझे उम्मीद है कि इस पुस्तक को पढ़कर न सिर्फ पुलिस, फायर ब्रिगेड कर्मचारी, नर्स बल्कि आमजन भी इन सड़क दुर्घटनाओं को रोकने में अपनी एक सक्रिय भूमिका निभा सकेगा।
बता दे कि इस पुस्तक में सड़क दुर्घटना होने के बाद किस प्रकार से घायल को संभाले, उनकी कैसे मदद करें, कई बार सड़क हादसे में हड्डी टूट जाती है ऐसे में घायल व्यक्ति को कैसे सहारा दें और उसका प्राथमिक उपचार कैसे करें ल। इसके अलावा भी कई कारगर तरीकों के बारे में लिखा गया है। जिसे अपनाकर सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़ों को रोका जा सकता है, क्योंकि देश में सड़क दुर्घटना में होने वाली मौतें चिंता का विषय बनी हुई है। कई बार लोग असमय ही मौत का शिकार बन जाते हैं। ऐसे में इस बुक को अब राजस्थान के अलावा केंद्र सरकार से भी मांग की गई है कि इसे अलग-अलग संस्थाओं और प्रदेश की सरकारी स्कूल कॉलेज और पुलिस विभाग सहित महत्वपूर्ण विभागों में पढ़ाई जाए। उन्हें बताया जाए कि किस प्रकार से घायल का प्राथमिक उपचार किया जा सके।
डॉक्टर दिनेश व्यास ने इस पुस्तक को लिखने के उद्देश्य के बारे में बताया कि यदि सड़क दुर्घटना में कोई घायल व्यक्ति दिखे तो उसकी हम किस प्रकार से मदद करें। समय पर इलाज मिलने से उनकी जान बचाई जा सकती है। इस पुस्तक को साइंटिफिक पब्लिशर्स की ओर से प्रकाशित किया गया है और उसे साइंटिफिक पब्लिशर्स की वेबसाइट के अलावा अमेजॉन से भी प्राप्त किया जा सकता है।
बता दे कि गडकरी ने बताया कि उनका मंत्रालय अब राज्यों को आधुनिक एंबुलेंस देने की योजना बना रही है। इसके तहत एंबुलेंस हादसे की जगह पर 10 मिनट के भीतर पहुंचेगी। उन्होंने आईआईएम की एक स्टडी का भी हवाला दिया। बताया कि यदि घायलों को समय पर इलाज मिल जाए तो 50 हजार जिंदगियां बच सकती है।

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