सतपुड़ा टाइगर रिजर्व (STR) के मटकुली रेंज के बफर क्षेत्र में सांभर के शिकार के पांचवें दिन भी शिकारी वन विभाग की पकड़ से दूर हैं। शिकारियों ने पिपरिया-पचमढ़ी मुख्य मार्ग से महज 20 मीटर अंदर झिरिया बीट के जंगल में इस वारदात को अंजाम दिया। मौके से नर सांभर का सिर, आंत और फेफड़े मिले हैं, जबकि बाकी हिस्सा गायब है। वन विभाग की टीम बैरियर और ढाबों पर लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है, लेकिन अब तक शिकारियों का सुराग नहीं मिला है। जिस क्षेत्र में शिकारियों ने सांभर का शिकार किया, वहां तीन से चार बाघों का मूवमेंट रहता है। वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी लगातार इनपुट भेजकर जंगल की सुरक्षा मजबूत करने के लिए टाइगर रिजर्व के अधिकारियों को पत्र लिख रहे थे। इसके बावजूद सुरक्षा में कमी के चलते शिकारी 4 बाघों की टेरिटरी में घुसने में कामयाब हो गए। वे शिकार करके भाग भी निकले और वनकर्मियों को भनक तक नहीं लगी। ढाबों के CCTV खंगाल रही टीम गश्ती के दौरान झिरिया बीट के कक्ष क्रमांक 431 में नर सांभर के अवशेष मिले थे। अब वहां एसटीआर का डॉग स्क्वाड और गश्ती दल लगातार सर्चिंग कर साक्ष्य खोज रहे हैं। मामले में पुलिस की भी मदद ली जा रही है। टीम आसपास के ढाबों, होटलों और सार्वजनिक स्थानों पर लगे कैमरों की जांच कर रही है, ताकि संदिग्धों की पहचान हो सके। 150 किलो वजन, एक से ज्यादा शिकारी एसटीआर के सहायक संचालक आशीष खोबरागड़े ने बताया कि वन्य प्राणियों की निगरानी और सफाई के दौरान गश्ती टीम को सांभर का सिर मिला। वन्य प्राणी चिकित्सक द्वारा पोस्टमार्टम कराया गया है। चूंकि एक वयस्क नर सांभर का वजन 150 किलो से अधिक होता है, इसलिए आशंका जताई जा रही है कि जंगल में एक से अधिक शिकारी घुसे थे।


