हनुमानगढ़ में सतीपुरा रेलवे क्रॉसिंग पर बन रहे ओवरब्रिज का निर्माण कार्य आठ साल बाद भी अधूरा है। अब पुल के ऊपर डाइवर्जन के लिए बनाए जा रहे आइलैंड्स के लिए कंक्रीट को फिर से उखाड़ा जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, आइलैंड्स बनने के बाद पुल के ऊपर से बारिश के पानी की निकासी सुनिश्चित करने के लिए लेवल सही किया जा रहा है। इसी कारण कंक्रीट को हटाया जा रहा है। इस ओवरब्रिज का निर्माण कार्य पिछले लगभग आठ वर्षों से जारी है, जिससे संगरिया रोड पर यातायात लंबे समय से प्रभावित है। लगातार निर्माण कार्य के कारण आसपास के दुकानदार और ग्रामीण भी परेशान हैं। उनकी दुकानदारी प्रभावित हुई है और धूल उड़ने से भी समस्या हो रही है। पीडब्ल्यूडी अधिकारियों ने अभी तक पुल के निर्माण की कोई नई डेडलाइन तय नहीं की है। जानकारी के अनुसार, ओवरब्रिज पर आइलैंड्स का निर्माण पूरा होने के बाद साइन बोर्ड लगाने और फिनिशिंग का काम होगा। सतीपुरा बाइपास पर एक छोटा राउंडअबाउट बनाने की भी बात कही गई है, जहां से वाहन यू-टर्न ले सकेंगे। इसके बाद सेफ्टी ऑडिट होगा, जिसके बाद ही ओवरब्रिज को यातायात के लिए खोला जा सकेगा। पीडब्ल्यूडी के एईएन बीरबल खेजड़ ने बताया कि पानी की निकासी के लिए लेवल सुधारने हेतु कंक्रीट उखाड़ा जा रहा है। उन्होंने मार्च माह में ओवरब्रिज शुरू होने की उम्मीद जताई, लेकिन यह भी कहा कि इससे पहले सतीपुरा बाइपास पर सड़क की चौड़ाई बढ़ाई जा रही है और रोड साइन भी लगाए जाने हैं। सेफ्टी ऑडिट के बाद ही ओवरब्रिज शुरू हो पाएगा। डिजाइन को लेकर भी विवाद
सतीपुरा ओवरब्रिज के डिजाइन को लेकर भी विवाद रहा है। ओवरब्रिज टाउन से अबोहर रोड के अलावा संगरिया से जंक्शन की तरफ भी खोला गया है। इस ओवरब्रिज के ठीक ऊपर डिवाइडर बनाया गया है। इसके चलत संगरिया से जंक्शन और जंक्शन से संगरिया की ओर जाने वाले वाहनों को पुल से नीचे उतरकर यू टर्न लेना होगा। इसे लेकर पहले विवाद हो चुका है। निर्माण में देरी और डिजाइन को लेकर ग्रामीणों व अन्य संगठनों ने आंदोलन भी किया था। हालांकि अधिकारियों ने यह स्पष्ट किया था कि एक्सीडेंट्स को टालने के लिए इस तरह का डिजाइन बनाया गया है लेकिन निर्माण में देरी को लेकर कोई स्पष्ट जवाब नहीं है।


