सपेरा बस्ती में एसिड पीड़ितों के लिए कानूनी सहायता कैंप:मुआवजे की प्रक्रिया बताई गई, युवाओं को नशा मुक्ति अभियान में जोड़ा गया

राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर के निर्देशानुसार किशनगढ़बास की ग्राम पंचायत मौठूका स्थित सपेरा बस्ती में एक विशेष विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का उद्देश्य एसिड पीड़ितों के लिए कानूनी सहायता और नशा मुक्ति से संबंधित जानकारी प्रदान करना था। शिविर में पीएलवी सूरजभान कछवाहा और गुलाब शर्मा ने ‘एसिड पीड़ितों के लिए कानूनी सेवाएं योजना 2016’ के बारे में विस्तार से जानकारी दी। योजना का उद्देश्य एसिड हमले की शिकार महिलाओं को न्याय दिलाना, कानूनी मार्गदर्शन प्रदान करना और उनके पुनर्वास व मुआवजे की प्रक्रिया सुनिश्चित करना है। इस योजना के तहत पीड़ितों को उनकी आर्थिक स्थिति की परवाह किए बिना पूरी तरह से मुफ्त कानूनी सहायता दी जाती है। पीड़ित प्रतिकर योजना 2011 का विवरण पीएलवी सूरजभान कछवाहा ने ‘राजस्थान पीड़ित प्रतिकर योजना 2011’ की भी जानकारी दी। इस योजना के तहत अपराध से प्रभावित व्यक्तियों या उनके आश्रितों को वित्तीय सहायता दी जाती है। इसका उद्देश्य पीड़ितों के चिकित्सा व्यय, पुनर्वास और अंतिम संस्कार लागत के लिए मुआवजा प्रदान करना है। यह योजना उन लोगों के लिए है जिन्हें अन्य योजनाओं के तहत सहायता नहीं मिली है या जिन्हें अपराध के कारण शारीरिक, मानसिक क्षति या आश्रितों की मृत्यु हुई है। नशा मुक्ति भारत अभियान के तहत युवाओं को दी गई जागरूकता शिविर में नालसा द्वारा चलाए जा रहे ‘नशा मुक्ति भारत’ अभियान के तहत नशे से होने वाले सामाजिक, आर्थिक और मानसिक नुकसान के बारे में युवाओं को जानकारी दी गई। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को नशे से दूर रहने और स्वस्थ जीवन अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। गांव के लोगों ने बढ़-चढ़कर लिया भाग इस विधिक जागरूकता शिविर में घूमन्तु जाति के लोग, महिलाएं और बच्चे बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी ने कानूनी सहायता योजनाओं और नशा मुक्ति जागरूकता से जुड़ी जानकारी प्राप्त कर लाभ उठाया।

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