सीकर नगर परिषद के सफाईकर्मी राधेश्याम सरवन की दो बेटियों की शादी में पूरा सीकर शहर परिवार बन गया। शादी में सीकर के आम और खास लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। वहीं एक दर्जन से ज्यादा संत-महंतों ने भी नव विवाहित जोड़ों को आशीर्वाद दिया। दरअसल, गुरुवार को फुलेरा दूज पर सीकर नगर परिषद के सफाईकर्मी राधेश्याम की दो बेटियों निशा और निकिता की शादी हुई। राधेश्याम आर्थिक रूप से इतने समक्ष नहीं कि वे अपनी बेटियों की शादी धूमधाम से कर सकें, लेकिन सेठ अनंतराम सिंघानिया चेरिटेबल ट्रस्ट ने राधेश्याम की बेटियों की शादी को उत्सव बना दिया। प्रमोद सिंघानिया ने ली शादी की जिम्मेदारी सेठ अनंतराम सिंघानिया चेरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष प्रमोद सिंघानिया ने राधेश्याम की बेटियों की शादी की जिम्मेदारी खुद ने ले ली और शहर के आरटीओ रोड स्थित दयालबाग मैरिज गार्डन बुक किया, पूरे शहर में शादी के कार्ड बांटे। लोगों का उत्साह और भागीदारी देखते हुए हजारों मेहमानों के लिए हलवाइयों ने गुलाब जामुन, काजू कतली, हलवा, दही बड़ा, पुलाव जैसे व्यंजन तैयार किए। मैरिज गार्डन में 2 अलग-अलग वेदी पर एक ही समय दोनों बेटियों ने फेरे लिए। बेटी निकिता ने विशाल के साथ सात फेरे लिए, जिनका कन्यादान मां किरण देवी व पिता राधेश्याम सरवन ने किया और पंडित मधुसूदन जोशी व नानूराम शर्मा ने मंत्रोच्चार किए। वहीं, दूसरी वेदी पर बेटी निशा ने योगेश के साथ जीवनभर साथ निभाने का वादा किया, जिनका कन्यादान ट्रस्ट अध्यक्ष प्रमोद सिंघानिया ने पत्नी विनीता सिंघानिया के साथ किया और पंडित विवेक दाधीच व सुशील दाधीच ने मंत्रोच्चार से विवाह संपन्न करवाया। सीकर शहर ने दोनों बेटियों को आशीर्वाद दिया। ट्रस्ट अधयक्ष प्रमोद सिंघानिया ने कहा कि समाज के जरूरतमंद लोगों के लिए सबको मिलकर आगे आना चाहिए। सब साथ मिलकर हाथ बढ़ाएंगे तो कोई पीछे नहीं रहेगा। दोनों बेटियों के पिता राधेश्याम ने कहा कि ये शादी उम्मीद से परे हुई है। आज सब लोग बेटियों को आशीर्वाद देने आए तो बहुत अच्छा लग रहा है। कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि ऐसा आयोजन कर पाऊंगा। दोनों बेटियों को शादी में कई गिफ्ट दिए गए। ———- ये खबर भी पढ़िए राजस्थान-बहनों की शादी के लिए पूरा शहर साथ आया:सफाईकर्मी की बेटियों की होगी भव्य शादी, अयोध्या से आएंगे महंत, हजारों कार्ड बंटे सीकर शहर की एक गली में झाड़ू लगा रहे ये शख्स सफाईकर्मी राधेश्याम हैं। पिछले 20-25 साल से यही काम कर रहे हैं। उन्होंने शायद ही सोचा होगा कि जिस शहर में वे इतने साल से सफाई का जिम्मा उठा रहे हैं, एक दिन वही शहर उनकी बेटियों की भव्य शादी के लिए परिवार बनकर आगे आएगा। (पढ़िए पूरी खबर)


