सफेद चादर की आड़ में फसलों के बीच अफीम के पौधे लगाए, 21 किलो अफीम व 2 क्विंटल डोडा चूरा हो सकता था तैयार

भास्कर न्यूज| बालोतरा अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ एटीएस और एएनटीएफ ने कार्रवाई तेज कर दी है। एटीएस और एएनटीएफ टीम को सिवाना क्षेत्र में गुप्त रूप से अफीम की खेती की सूचना मिली। एएनटीएफ की टीम मौके पर पहुंची और कार्रवाई शुरू की। सिवाना थाना क्षेत्र के कांखी गांव में करीब 2600 वर्ग मीटर जमीन पर उगाई गई अफीम की फसल को नष्ट किया। कार्रवाई में टीम ने 2,428 अफीम के पौधे बरामद किए। इस फसल से करीब 20.8 किलोग्राम अफीम और डेढ़ क्विंटल डोडा पोस्त हो सकता था। इसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 1.25 करोड़ रुपए आंकी गई है। कार्रवाई के दौरान आरोपी हरजीराम को गिरफ्तार किया। कांखी गांव निवासी आरोपी हरजीराम ने अपने खेत में पशु बाड़े के पीछे सफेद चादर की आड़ में सब्जियां, बाजरा और अरंडी की फसल बोई हुई थी। इसी फसल के बीच अफीम के पौधे लगा रखे थे। गिरफ्तार आरोपी हरजीराम निवासी मालियों का वास धुंबड़िया, थाना बागोड़ा, जिला जालोर पिछले करीब दस साल से डोडा पोस्त के सेवन का आदी है। उसके खिलाफ पूर्व में भी मादक पदार्थ तस्करी के मामले दर्ज है। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि उसने इंटरनेट के माध्यम से अफीम की खेती की जानकारी जुटाई और मुनाफे के लालच में स्वयं खेती शुरू कर दी। प्राथमिक आंकलन के अनुसार करीब 2500 पौधों से लगभग 21 किलो अफीम और 1.5 से 2 क्विंटल तक डोडा चूरा तैयार हो सकता था। आमतौर पर राजस्थान-मध्यप्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्र अफीम की खेती के लिए जाने जाते हैं, लेकिन हाल के समय में अन्य जिलों में भी अवैध खेती के प्रयास सामने आए हैं। इससे पहले फलौदी के भोजासर क्षेत्र तथा उदयपुर के पहाड़ी इलाके में भी कार्रवाई की जा चुकी है।

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