भास्कर संवाददाता | भीलवाड़ा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में रविवार को काशीपुरी आयोजित विराट हिंदू सम्मेलन ने न केवल हिंदू समाज की शक्ति का प्रदर्शन किया, बल्कि सनातन संस्कृति की रक्षा और सामाजिक समरसता का एक नया अध्याय भी लिखा। कार्यक्रम का शुभारंभ सुबह काशीपुरी स्थित राधाकृष्ण मंदिर से हुआ। शोभायात्रा सड़कों पर उतरी तो शहर भगवामय हो गया। शोभायात्रा का पुष्पवर्षा के साथ स्वागत किया। शोभायात्रा में सांवलिया सेठ का रथ शामिल रहा। महाराजा अग्रसेन भवन में मुख्य सम्मेलन में रामस्नेही संत दिग्विजयराम महाराज ने कहा कि इतिहास गवाह है कि जब-जब हम जातियों और पंथों में बंटे हैं, तब-तब हमारी संस्कृति पर आघात हुआ है। समय की पुकार है कि स्वार्थों को त्यागकर हिंदू के रूप में एक हों। एक रहेंगे तो दुनिया की कोई ताकत हमें झुका नहीं सकती। आयोजक समिति के सदस्य गोविंद सोडाणी ने बताया कि संघ के 100 वर्ष पूर्ण होना मात्र एक उत्सव नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण के संकल्प को दोहराने का अवसर है। कार्यक्रम के अध्यक्ष अशोक बाहेती व उपाध्यक्ष सीमा सिंघल ने विचार रखे।


