समर्थन पर जिले के चार केंद्रों पर होगी गेहूं खरीद, 7 हजार मीट्रिक टन का लक्ष्य, एमएसपी 2585 रुपए प्रति क्विंटल

भास्कर न्यूज | प्रतापगढ़ जिले में इस वर्ष करीब 1 लाख 5 हजार हैक्टेयर में गेहूं की बुवाई हुई है और औसतन 25 क्विंटल प्रति हैक्टेयर उत्पादन के अनुमान के साथ कुल पैदावार लगभग 26 लाख क्विंटल (करीब 2.62 लाख मीट्रिक टन) तक पहुंच सकती है। बढ़ते उत्पादन और पिछले वर्ष 6000 मीट्रिक टन खरीद के अनुभव को देखते हुए प्रशासन ने रबी विपणन सीजन 2026-27 में 7 हजार मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य तय किया है। 2585 रुपए प्रति क्विंटल के घोषित एमएसपी पर यदि यह लक्ष्य पूरा होता है, तो किसानों को लगभग 18 करोड़ रुपए से अधिक का सीधा भुगतान मिलेगा। फिलहाल सरकार ने किसी बोनस की घोषणा नहीं की है, इसलिए खरीद तय एमएसपी पर ही होगी। इस वर्ष खरीद प्रतापगढ़ के साथ-साथ छोटीसादड़ी, अरनोद और धरियावद केंद्रों पर की जाएगी, ताकि किसानों को नजदीक ही सुविधा मिल सके। वर्ष 2024 में जहां मात्र 35 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद दर्ज की गई थी, वहीं वर्ष 2025 में 900 मीट्रिक टन के लक्ष्य के मुकाबले करीब 6000 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया। सरकार ने इस वर्ष गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2585 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। पिछले वर्ष 2425 रुपए एमएसपी के साथ राज्य सरकार द्वारा 150 रुपए प्रति क्विंटल बोनस दिया गया था, इससे किसानों को कुल 2575 रुपए प्रति क्विंटल प्राप्त हुए थे। हालांकि इस बार अभी तक किसी बोनस की घोषणा नहीं हुई है, इसलिए किसानों को तय एमएसपी 2585 रुपए प्रति क्विंटल के आधार पर ही भुगतान मिलेगा। क्रय केंद्रों पर किसानों की सुविधा के लिए छाया, पेयजल, शौचालय, तुलाई कांटा, ड्रायर, क्लीनर, मॉयश्चर मीटर, पार्किंग और साफ-सफाई जैसी मूलभूत व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएगी। बारदाना एवं भंडारण की व्यवस्था भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के समन्वय से की जाएगी, ताकि अधिक आवक की स्थिति में भी खरीद प्रक्रिया प्रभावित न हो। कानून और यातायात व्यवस्था की जिम्मेदारी भी प्रशासन द्वारा संभाली जाएगी। खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए ऑनलाइन पंजीकरण अनिवार्य किया गया है। किसानों के पास जनाधार कार्ड होना आवश्यक रहेगा। गिरदावरी का विवरण पोर्टल पर राजस्व रिकॉर्ड से स्वतः (ऑटो-फेच) लिया जाएगा। यदि किसी कारणवश गिरदावरी तत्काल उपलब्ध नहीं होती है, तो उसे बाद में अपडेट करने की सुविधा दी जाएगी। बंटाईदार, वारिस एवं अन्य पात्र किसानों को अपने दावे के समर्थन में प्रमाणित दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड करना अनिवार्य होगा। गेहूं खरीद की अवधि 10 मार्च से 30 जून तक निर्धारित की गई है। पंजीकृत किसान 1 मार्च से तुलाई के लिए स्लॉट बुक कर सकेंगे। क्रय केंद्र पर बायोमेट्रिक सत्यापन के बाद ही उपज की खरीद की जाएगी। खरीद के 48 घंटे के भीतर भुगतान सीधे जनाधार से जुड़े बैंक खाते में जमा कर दिया जाएगा, इससे किसानों को समयबद्ध और पारदर्शी भुगतान सुनिश्चित हो सके। यदि किसान स्वयं स्लॉट बुक नहीं करते हैं, तो पोर्टल द्वारा स्वतः तिथि आवंटित कर दी जाएगी, इससे भीड़ नियंत्रण और सुचारु व्यवस्था बनी रहे। पूरी प्रक्रिया की निगरानी कलेक्टर द्वारा की जाएगी तथा एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा, इनका संपर्क विवरण क्रय केंद्रों पर प्रदर्शित रहेगा।

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