शुक्रवार को किसान कांग्रेस ने जिले में समर्थन मूल्य पर की जा रही सोयाबीन खरीदी की अवधि 31 जनवरी तक बढ़ाने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। राजीव गांधी पंचायती राज संगठन के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत टाले ने संयुक्त कलेक्टर रजनी वर्मा को ज्ञापन दिया। उन्होंने बताया कि, जिले में 21,186 किसानों ने सोयाबीन समर्थन मूल्य पर बेचने के लिए पंजीयन कराए है। लेकिन, अभी तक मात्र 10 हजार किसान ही अपनी सोयाबीन की उपज की तुलाई करा पाए है। जो अपनी पूरी उपज नहीं बेच पाए है। टाले ने बताया कि किसी किसान का केवल एक ही बिल बना है और पोर्टल पर डबल स्लाॅट बुक नहीं होने के कारण परेशान हो रहे है। वर्तमान में 11 हजार से अधिक किसान अपनी सोयाबीन की उपज नहीं बेच पाए है। तुलाई छोटे कांटे से करने की वजह से अधिक समय लगा है। उन्होंने कहा कि किसानों को फसल बेचने के लिए चार दिन तक रतजगा करना पढ़ रहा है। ऐसे ठंड में किसान परेशान है, उनकी कोई सुध लेने वाला नहीं है। घाटे में उपज बेचने को मजबूर किसान जिले के 70 हजार किसान समर्थन मूल्य पर चना, गेहूं मुंग बेचते है, लेकिन मात्र 21,186 किसान ही इसके लिए पंजीयन करा पाए थे। किसान कांग्रेस द्वारा पहले भी पंजीयन की तारीख बढ़ाने की मांग की गई, लेकिन तारीख नहीं बढ़ाई गई। ऐसे में 40 हजार से अधिक किसानों ने 1000 से 2000 रुपए प्रति क्विंटल घाटे में अपनी सोयाबीन की उपज मंडियो में बेचने को मजबूर हुए। सरकार को उन किसानों कों भी अंतर की राशि दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि जिले के अधिकारियों द्वारा आज स्लाॅट बुक की आखरी तारीख बताई है। जबकि, खरीदी सरकार द्वारा 31 दिसम्बर तक करने के आदेश है। अगर आज से स्लॉट बुक होना बंद हो जाएंगे, तो 10 हजार किसान अपनी उपज बेचने से वंचित रह जाएंगे। किसान कांग्रेस सरकार से मांग करती है की स्लाट बुक की तारीख भी बढ़ाई जाए। साथ ही खरीदी की तारीख भी 31 जनवरी की जाए। ताकि किसानों को उनकी उपज बेचने में परेशानी नहीं हो। अन्यथा किसान कांग्रेस किसानों के साथ आंदोलन करेगी।


