बिलासपुर में समर कैंप में स्कूली छात्राओं से झाड़ू-पोछा और साफ-सफाई कराया गया। छात्राओं के झाड़ू लगाने का वीडियो भी सामने आया है। हेडमास्टर का कहना है कि स्वीपर का घर सामने है। समर कैंप में हम देर से पहुंचे, जिस पर बच्चे खुद सफाई कर रहे हैं। मामला कोटा ब्लॉक का है। दरअसल, लोक शिक्षण संचालनालय ने 1 मई से 15 जून तक सभी जिलों में समर कैंप लगाने क आदेश जारी किया है। हालांकि, समर कैंप को बच्चों के लिए ऐच्छिक बताया गया है। इसमें शामिल होने वाले बच्चों को एक्टिविटी के लिए सुबह 7:30 बजे से 9:30 बजे कैंप में बुलाया जाता है। इसमें बच्चों को शैक्षणिक गतिविधियों के साथ ही ड्राइंग-पेंटिंग और खेल-कूद जैसे एक्टिविटी कराने का निर्देश है। स्कूली बच्चों के हाथ में थमा दिया झाड़ू और वाइपर कोटा ब्लॉक के खैरा संकुल के कोइलारी पारा स्थित स्कूल का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें गर्मियों की छुट्टियों में लगने वाले समर कैंप के बहाने छात्राओं के हाथ में वाइपर और झाड़ू थमाकर काम कराया जा रहा है। स्कूल में शैक्षणिक और दूसरे एक्टिविटी करने के बजाय छात्राएं साफ-सफाई करतीं नजर आ रही है। गिनती के बच्चे पहुंचे स्कूल यहां समर कैंप में गिनती के बच्चे स्कूल पहुंचे थे, जिनमें ज्यादातर छात्राएं हैं। उन छात्राओं के मानसिक विकास और दूसरी गतिविधियों जैसे आयोजन के बजाय टीचर काम करा रहे हैं। हेडमास्टर ने कहा- हम देरी से स्कूल आएं हैं इधर, हेडमास्टर राम सिंह आर्मो ने कहा कि हम लोग देरी से स्कूल पहुंचे। स्वीपर का मकान स्कूल के सामने है, वो नहीं आया था तो बच्चे खुद से स्कूल की सफाई कर रहे थे। उन्हें दबाव डालकर काम नहीं कराया गया है।


