भास्कर न्यूज|गुमला राष्ट्रीय आपदा मोचन बल द्वारा संभावित आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने की तैयारियों को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से सीबीआरएन (केमिकल, बायोलॉजिकल, रेडियो लॉजिकल एवं न्यूक्लियर) आधारित मॉक ड्रिल के आयोजन को लेकर आज समाहरणालय स्थित सभागार में जिला प्रशासन की ओर से बैठक आयोजित की गई। बैठक में एनडीआरएफ की 9वीं बटालियन के डिप्टी कमांडेंट विनय कुमार एवं इस्पेक्टर दिनेश अवस्थी सहित 5 सदस्यीय टीम द्वारा प्रशिक्षण एवं मॉक अभ्यास से संबंधित विस्तृत जानकारी दी गई। टीम द्वारा एनडीआरएफ के स्थापना, उद्देश्य तथा आपदा की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया की कार्यप्रणाली के बारे में उपस्थित अधिकारियों को अवगत कराया गया। बैठक के दौरान बताया गया कि 07 मार्च को पूर्वाह्न 10 बजे समाहरणालय परिसर में सीबीआरएन आधारित मॉक ड्रिल का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान एनडीआरएफ की लगभग 25 सदस्यीय टीम द्वारा विभिन्न आपदा परिस्थितियों में बचाव एवं राहत कार्यों की प्रक्रिया का प्रदर्शन (डेमोन्स्ट्रेशन) किया जाएगा, जिससे प्रशासनिक अधिकारियों एवं संबंधित विभागों को आपदा प्रबंधन की कार्यप्रणाली की जानकारी मिल सके। टीम द्वारा यह भी बताया गया कि मॉक ड्रिल के माध्यम से यह प्रदर्शित किया जाएगा कि रासायनिक, जैविक, रेडियो लॉजिकल अथवा न्यूक्लियर आपदा की स्थिति में किस प्रकार त्वरित कार्रवाई करते हुए बचाव कार्य संचालित किए जाते हैं। बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि यदि किसी विभाग को आपदा प्रबंधन अथवा आगजनी जैसी आपात स्थितियों से निपटने हेतु प्रशिक्षण की आवश्यकता हो तो संबंधित विभाग अपने कर्मियों के प्रशिक्षण के लिए एनडीआरएफ को ई-मेल के माध्यम से अनुरोध भेज सकते हैं। बैठक में मुख्य रूप से उप विकास आयुक्त दिलेश्वर महतो, अपर समाहर्ता शशिंद्र कुमार बड़ाइक, सिविल सर्जन शंभूनाथ चौधरी, एसडीओ चैनपुर पूर्णिमा कुमारी, एसडीओ बसिया जयवंती देवगम, डीएसपी गुमला मुख्यालय वीरेंद्र टोप्पो, डीसीएलआर गुमला राजीव कुमार, डीसीएलआर आदि थे।


