प्रदेश में बजट घोषणा के बाद कई विभागों के जमीन आवंटन प्रकरण यूडीएच, स्वायत्त शासन विभाग, जिला प्रशासन स्तर पर पेंडिंग हैं। बजट घोषणा के बकाया प्रकरणों व भूमि आवंटन के मामलों के निपटारे में देरी पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने नाराजगी जताई। मुख्यमंत्री ने कहा कि 31 दिसंबर तक प्रकरणों के भूमि चिन्हीकरण, चिन्हित भूमि के प्रस्ताव संबंधित विभाग को भिजवाने और भूमि आवंटन की प्रक्रिया को पूरा करने के निर्देश दिए सीएम ने कहा कि इन कार्यों में कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि सभी भू-आवंटन प्रकरणों का निस्तारण करें। सीएम ने मुख्यमंत्री निवास पर लंबित भू-आवंटन प्रकरणों की समीक्षा की और वीसी के जरिए सभी कलेक्टर को निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री ने स्पोर्ट्स कॉलेज, रोडवेज बस स्टैंड, जीएसएस एवं ठोस कचरा प्रबंधन के लिए प्रोसेसिंग प्लांट एवं मेटेरियल रिकवरी फैसिलिटी सेंटर, औद्योगिक पार्क के विकास कार्यों के लिए भू-आवंटन प्रकरणों के निस्तारण में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने सामाजिक न्याय विभाग के अन्तर्गत ब्लॉक कार्यालय, जलदाय विभाग के नए सहायक अभियंता कार्यालय के लिए भू-आंवटन की भी समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश के औद्योगिक विकास को विस्तार देने के लिए राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट का आयोजन किया। इस समिट में हुए एमओयू को मूर्त रूप देने के लिए जिला कलेक्टर्स संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर कार्य करें। मीटिंग में मुख्य सचिव सुधांश पंत, एसीएस (वन एवं पर्यावरण) अपर्णा अरोड़ा, एसीएस (सीएमओ) शिखर अग्रवाल, एसीएस कुलदीप रांका, प्रमुख सचिव (सीएमओ) आलोक गुप्ता, प्रमुख सचिव वैभव गालरिया, उद्योग विभाग के प्रमुख सचिव अजिताभ शर्मा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। संयुक्त टीम बनाएगी हाईटेक सिटी का प्लान सीएम ने कहा कि बजट घोषणा की अनुपालना में जयपुर में विकसित की जाने वाली हाईटेक सिटी राज्य सरकार का ड्रीम प्रोजेक्ट है। इस संबंध में उद्योग विभाग, राजस्व विभाग व जिला प्रशासन की संयुक्त टीम बनाकर कार्यवाही की जाए। इसके तहत विशेष रूप से सड़क कनेक्टिविटी, पानी-बिजली सहित आधारभूत सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाए।


