भास्कर न्यूज |लुधियाना लुधियाना में बिजली कर्मचारियों और पेंशनरों की प्रमुख संगठनों ने तरनतारन की सेरों खंड मिल की जमीन पुड्डा को ट्रांसफर करने के विरोध में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं और कन्वीनर गुरप्रीत सिंह गंडीविंड की गिरफ्तारी की निंदा की। प्रदर्शन में पीएसईबी इम्प्लाइज जॉइंट फोरम, बिजली मुलाजिम एकता मंच पंजाब, एसोसिएशन ऑफ जूनियर इंजीनियर्स, ग्रिड सब स्टेशन इम्प्लाइज यूनियन, पेंशन यूनियन (एटक से संबद्ध) और पेंशन वेलफेयर फेडरेशन के नेताओं शामिल थे। साझा मंच के नेताओं रतन सिंह मझारी, हरपाल सिंह, गुरवेल सिंह बल्लपुरिया, बलदेव सिंह मंडाली, सुरिंदरपाल लाहौरिया, कुलविंदर सिंह ढिल्लों, बलजीत सिंह मोदला, रेवेल सिंह सहाएपुर, देविंदर सिंह पिशौर, रणजीत सिंह ढिल्लों, जसवीर सिंह आंडलू, कौर सिंह सोही आदि ने कहा कि पंजाब सरकार अपने राजनीतिक वादे पूरे करने के लिए बिजली विभाग समेत अन्य सरकारी विभागों की जमीनें बेच रही है, जिसके खिलाफ पूरे पंजाब में किसान और कर्मचारी संगठन संघर्ष कर रहे हैं। नेताओं ने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से विरोध कर रहे लोगों की गिरफ्तारी लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि गिरफ्तार नेताओं को तुरंत रिहा नहीं किया गया और जमीनें बेचने का फैसला वापस नहीं लिया गया तो संयुक्त किसान मोर्चा के साथ मिलकर तेज संघर्ष किया जाएगा। लुधियाना में पीएसईबी इम्प्लाइज फेडरेशन (एटक) की आपात बैठक में सूबा डिप्टी जनरल सचिव रछपाल सिंह पाली, संरक्षक सतीश भारद्वाज और सर्कल प्रधान गुरप्रीत सिंह महिदूदां ने कहा कि सरकार दमन से आवाज नहीं दबा सकती। उन्होंने जनता से भी सार्वजनिक जमीनों को बचाने के आंदोलन में शामिल होने की अपील की।


