डूंगरपुर में सरकारी टीचर, उनकी पत्नी और भाभी की सड़क हादसे में मौत हो गई। तीनों एक बाइक पर बैठकर शादी समारोह से घर लौट रहे थे। इसी दौरान आगे चल रहे ट्रॉले ने अचानक ब्रेक लगा दिया, जिससे बाइक ट्रॉले में घुस गई। घटना कोतवाली थाना क्षेत्र में बोरी गांव के पास गुरुवार रात 8 बजे की है। टीचर के भाई की 3 साल पहले मौत हो चुकी है। हादसे के बाद 14 बच्चे अनाथ हो गए। एक ही परिवार में एक साथ 3 मौत होने से पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। हादसे से जुड़े देखिए 3 फोटोज अब पढ़िए पूरा मामला
कोतवाली थाने के SI रमेशचंद्र ने बताया कि ढेड़को का वेला निवासी मगनलाल (50) पुत्र कमलाशंकर खराड़ी प्राइमरी स्कूल पारगी फला नेगाला में सरकारी टीचर थे। मगनलाल के ससुराल हिराता गोलआंबा में एक शादी समारोह था, जिसमे शामिल होकर वो पत्नी विमला खराड़ी (45) और चचेरी भाभी ललिता (45) पत्नी विश्राम खराड़ी के साथ बाइक से घर आ रहे थे। रात करीब 8 बजे डूंगरपुर शहर से आगे बढ़ते ही बोरी मोड़ के पास आगे चल रहे ट्रॉले ने अचानक ब्रेक लगा दी, जिससे बाइक ट्रॉले में घुस गई। हादसे में टीचर मगनलाल और उनकी पत्नी विमला देवी की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में गंभीर रूप से घायल हुई ललिता को डूंगरपुर अस्पताल में प्राइमरी ट्रीटमेंट के बाद उदयपुर रेफर कर दिया गया। शुक्रवार सुबह उदयपुर में इलाज के दौरान ललिता ने भी दम तोड़ दिया। 14 बच्चों के सिर से उठा माता-पिता का साया
टीचर मगनलाल और उसकी पत्नी के 7 बच्चे है। जिनमें 5 बेटियां और 2 बेटे है। तीन बेटियों की शादी हो चुकी है। वहीं चचेरी भाभी ललिता खराड़ी के भी 7 बच्चे है। जिनमें 5 लड़कियां और 2 लड़के है। ललिता के पति विश्राम खराड़ी की 3 साल पहले मौत हो गई थी। इसके बाद ललिता ही बच्चों की परवरिश कर रही थी। लेकिन अब हादसे में इन 3 मौत से दोनों परिवारों के 14 बच्चों के सिर से माता-पिता का साया उठ गया।


