निजी बस ऑपरेटर्स की हड़ताल के बाद टैक्सी संचालक मनमानी किराया वसूलने लगे हैं। हड़ताल के दूसरे दिन जयपुर-खाटू श्याम रूट पर 70 किलोमीटर के लिए छोटी कारों का किराया 2343 रुपए से बढ़कर 6543 रुपए और 7 सीटर वाहनों का किराया 4345 रुपए से 7622 रुपए तक पहुंच गया। यह किराया सामान्य दर से 2 से 3 गुना है। बसों के बंद रहने से टैक्सी और निजी वाहनों की मांग अचानक बढ़ी, जिसका सीधा असर किराए पर पड़ा। यूपी से आए पवन कुमार ने बताया कि वे परिवार के साथ खाटूश्यामजी दर्शन के लिए जयपुर पहुंचे थे, लेकिन बस हड़ताल के कारण उन्हें टैक्सी करनी पड़ी और सामान्य किराए से कई गुना ज्यादा देना पड़ा। कोई दूसरा विकल्प नहीं था। इधर, आगरा से आईं मधु का कहना है कि दो दिन से जयपुर में फंसे हैं। बसें नहीं चलने से 7 सीटर कार के करीब 8 हजार रुपए देने पड़े। सरकारी बसों की संख्या बढ़े तो यात्रियों को राहत मिले। पीएम रैली में भी बसें देने से इनकार
अजमेर में 28 फरवरी को प्रस्तावित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली के लिए परिवहन विभाग ने करीब 4000 बसों का अधिग्रहण किया है। हालांकि ऑपरेटर्स ने रैली में बसें भेजने से इनकार कर दिया है और 28 फरवरी को हाईवे जाम करने की चेतावनी दी है। हमारी जो वाजिब मांगें हैं, जब तक उन्हें स्वीकार नहीं किया जाता, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। हम संवाद के पक्ष में हैं, लेकिन अधिकारियों की हठधर्मिता के कारण हमें मजबूरन आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है। बस ऑपरेटर्स लगातार आर्थिक दबाव झेल रहे हैं। यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
-राजेंद्र शर्मा, अध्यक्ष राजस्थान बस ऑपरेटर एसो.


