जिला लुधियाना में कुल 1527 सरकारी स्कूल हैं। इनमें से 180 स्कूलों के पानी सेंपल जांच में फेल पाए गए हैं। यानि इन सरकारी स्कूलों का पानी पीने लायक नहीं है। जानकारी के मुताबिक 992 प्राइमरी स्कूलों में से 63 के सेंपल फेल हुए और अपर प्राइमरी के 534 में से 117 स्कूलों के सेंपल फेल पाए गए। परंतु इसके सुधार के लिए कोई नोटिस तक जारी नहीं किया गया। गत दिनों डीसी द्वारा एक मीटिंग बुलाई गई थी। जिसमें स्कूलों के पानी सेंपल चेक करवाने के लिए कहा गया था। डीईओ आफिस द्वारा सरकारी स्कूलों के सेंपल चेक करने संबंधी आदेश तो जारी कर दिए परंतु प्राइवेट स्कूलों में पानी के सेंपल की जांच संबंधी आदेश ही नहीं दिए। जबकि कई पेरेंट्स का कहना है कि प्राइवेट स्कूलों द्वारा फीसें भी अधिक ली जाती है परंतु पीने वाला पानी पीने योग्य नहीं है। गत दिनों प्रदर्शन के दौरान पेरेंट्स ने बात उठाई थी कि प्राइवेट स्कूल द्वारा मोटी फीस वसूली जा रही है और पानी का टीडीएस 350 के करीब है, जोकि पीने लायक नहीं है। सरकारी प्राइमरी स्कूल के पानी के फेल सेंपल में सरकारी प्राइमरी स्कूल पीएयू, सरकारी प्राइमरी स्कूल माडल ग्राम, सरकारी प्राइमरी स्कूल ज्वाहर नगर (लड़के और लड़कियां दोनो), सरकारी प्राइमरी स्कूल बस्ती जोधेवाल, सरकारी प्राइमरी स्कूल सलेम टाबरी, सरकारी प्राइमरी स्कूल पीरु बंदा, सरकारी प्राइमरी स्कूल ब्रांच सुनेत, सरकारी प्राइमरी स्कूल ताजपुर बेट आदि स्कूल शामिल हैं। 27 मई तक का समय दिया सुधार के लिए कोई नोटिस तक नहीं जारी किया गया डीईओ प्राइमरी रविंदर कौर ने बताया कि स्कूलों को पत्र जारी कर 27 मई का समय दिया गया है। रिपोर्ट को 27 मई तक हर हाल में बीपीओज के माध्यम से भेजना यकीनी बनाया जाए।


