सरकारी स्कूल की छात्राओं को कमरे में बुलाता था प्रिंसिपल:कंप्यूटर लैब में टीचर भी करता था बैड टच, 56 बच्चियों ने दी शिकायत

सरकारी स्कूल का कार्यवाहक प्रिंसिपल (40) बच्चियों को कमरे में बुलाकर उनकी सोशल मीडिया ID मांगता था। देर रात चैट करने का दबाव बनाता था। इसी स्कूल का टीचर (28) भी नंबर बढ़ाने के बहाने स्कूल की बच्चियों को बैड टच करता था। मामले का खुलासा तब हुआ जब एक छात्रा ने आवाज उठाई। उसने 13 नवंबर को टीचर के खिलाफ जिला शिक्षा अधिकारी को लिखित में शिकायत दी। कमेटी ने जांच की तो शिकायत सही मिली। उधर, पेरेंट्स ने स्कूल आकर टीचर की पिटाई भी की थी। मामला सवाई माधोपुर के तहसील खंडार के एक सरकारी स्कूल का है। प्रिंसिपल-टीचर को APO किया
समग्र शिक्षा के कार्यक्रम समन्वयक शिक्षा सहायक निदेशक (एडीपीसी) दिनेश गुप्ता ने बताया- शिक्षा विभाग ने प्रिंसिपल और टीचर को APO कर दिया है। दोनों का मुख्यालय CDEO (मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी) कर दिया गया था। स्कूल की 56 बच्चियों ने दोनों के खिलाफ लिखित में शिकायत दी थी। रिपोर्ट उच्चाधिकारियों व निदेशालय को बीकानेर भेज दी गई है। हिम्मत कर बच्ची ने दी शिकायत
13 नवम्बर को स्कूल की कक्षा 7वीं की छात्राओं ने टीचर के खिलाफ जिला शिक्षा अधिकारी को लिखित में शिकायत दी। इसमें बताया था कि टीचर कॉपियों में नंबर बढ़ाने के बहाने कमरे में बुलाकर छेड़छाड़ करता है। बढ़ा 56 बच्चियों का हौसला, एक साथ शिकायत दी
ये सूचना परिजनों तक पहुंची तो मौके पर आकर स्कूल में टीचर की पिटाई भी कर दी थी। इसके बाद जब ये मामला उजागर हुआ तो उसी दिन क्लास 6-12वीं तक की 56 छात्राओं ने भी लिखित बयान देकर आरोपी शिक्षक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। लिखित में दी जानकारी में बच्चियों ने बताया था कि काफी समय से ये टीचर बच्चियों के साथ छेड़छाड़ कर रहा था। बच्चियों ने बताया कि कंप्यूटर लैब में गलत हरकतें की जा रही थी। डर और दबाव के कारण छात्राएं शिकायत करने से घबरा रही थीं। जांच टीम आई तो प्रिंसिपल की करतूत भी सामने आई
13 नवंबर को ही जिला शिक्षा अधिकारी के निर्देश पर 3 प्रिंसिपलों की एक विशेष जांच कमेटी गठित की गई। कमेटी स्कूल में जाकर मामले की जांच की तो चौंकाने वाली जानकारी सामने आई। टीम को स्कूल की छात्राओं ने बताया- टीचर के साथ-साथ कार्यवाहक प्रिंसिपल भी उन्हें कमरे में अकेला बुलाता था। सोशल मीडिया आईडी मांगता और रात में वॉट्सऐप मैसेज भेजकर बात करने के लिए दबाव बनाता था। जांच में छात्राओं की शिकायत सही पाए जाने पर ब्लॉक मुख्य शिक्षा अधिकारी ने प्रिंसिपल और टीचर को भी एपीओ कर दिया। टीचर का डर और चुप रहने का दबाव
छात्राओं ने शिकायत में बताया था कि उन्होंने डर की वजह से शिकायत नहीं की, जबकि कुछ को चुप रहने को कहा गया। इधर, पेरेंट्स ने प्रशासन से मांग की है कि दोनों आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। मामले को लेकर गठित की गई जांच टीम ने उच्चाधिकारियों को जांच रिपोर्ट भेज दी है। तीन सदस्यीय जांच कमेटी ने रिपोर्ट जिला कलेक्टर, मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक), समग्र शिक्षा के एडीपीसी और मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी खण्डार को सौंपी है। — राजस्थान के सरकारी स्कूलों में छेड़खानी की ये खबरें भी पढ़िए… प्रिंसिपल छात्राओं से कहता- तुम्हारा फिगर मॉडल जैसा:केबिन में बुलाकर छेड़छाड़, विरोध करने पर धमकाता, जज-वकील मेरे रिश्तेदार, पीड़ित ने कॉलेज छोड़ा जयपुर के एक महिला कॉलेज की छात्राओं और महिला स्टाफ ने प्रिंसिपल पर ऐसे गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत के बाद तकनीकी शिक्षा विभाग ने आरोपी प्रिंसिपल को सस्पेंड कर दिया है। पढ़ें पूरी खबर… भीलवाड़ा में स्कूल टीचर ने छात्रा को भेजे आपत्तिजनक मैसेज:वीडियो-कॉल के लिए डाला दबाव; विभाग ने किया APO, पहली पोस्टिंग है सरकारी स्कूल के टीचर ने दसवीं क्लास की छात्रा को वीडियो कॉल करने का दबाव बनाया। वह छात्रा को इंस्टाग्राम पर मैसेज करने को भी कहा। पढ़ें पूरी खबर…

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