बीकानेर के श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र के गांव कुनपालसर में सरकारी स्कूल का माहौल उस वक्त हिंसा में बदल गया, जब जाति प्रमाण पत्र पर हस्ताक्षर को लेकर राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाचार्य पर हमला कर दिया गया। घटना सोमवार दोपहर की है जिसका वीडियो अब सामने आया है, जिससे क्षेत्र में हलचल मच गई है। अधूरा फार्म, बढ़ता रहा विवाद प्रधानाचार्य किसनाराम डेलू ने पुलिस रिपोर्ट में बताया कि दोपहर करीब 12 बजे गांव निवासी जगदीश प्रसाद पुत्र सोहनराम मेघवाल स्कूल पहुंचा और जाति प्रमाण पत्र पर हस्ताक्षर की मांग की। प्रधानाचार्य ने नियमानुसार दस्तावेज पूर्ण भरकर लाने को कहा। करीब सवा एक बजे रामचंद्र पुत्र पुसाराम मेघवाल फार्म लेकर आया, लेकिन वह भी अधूरा था। जब प्रधानाचार्य ने दोबारा प्रक्रिया पूरी कर लाने की बात कही तो विवाद बढ़ गया। धक्का देकर गिराया, चाय का टोपिया फेंका आरोप है कि रामचंद्र ने नशे की हालत में गाली-गलौज शुरू कर दी और प्रधानाचार्य को धक्का देकर जमीन पर गिरा दिया। पास में रखा चाय का टोपिया उठाकर उनकी ओर फेंक दिया, जिससे उनके हाथ में गहरी चोट आई। शोर सुनकर स्टाफ सदस्य विनोद कुमार पूनियां मौके पर पहुंचे, तब तक आरोपी बाहर निकल चुका था। गेट पर फिर हमला, लाठी से वार बताया जा रहा है कि स्कूल के बाहर पहले से मौजूद मुन्नीराम पुत्र मोतीराम सिहाग के साथ मिलकर फिर से विवाद शुरू हुआ। गेट पर गाली-गलौज के बीच समझाने की कोशिश कर रहे प्रधानाचार्य पर लाठी से वार किया गया, जिससे उनके पैर में गंभीर चोट आई। शिक्षक संगठनों में रोष घटना के बाद विद्यालय में अफरा-तफरी मच गई। शिक्षक संगठनों ने इसे शिक्षा व्यवस्था पर हमला बताते हुए आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। दिनदहाड़े स्कूल परिसर में हुई इस वारदात ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर शिक्षा के मंदिर कब तक असामाजिक तत्वों के निशाने पर रहेंगे? कंटेंट : अलंकार गोस्वामी, बीकानेर


