राजनांदगांव जिले में जलसंकट के बीच सरकारी बोर का दुरुपयोग सामने आया है। डोंगरगढ़ जनपद पंचायत के ग्राम भोथली में कुछ प्रभावशाली लोग सरकारी हैंडपंपों से अपने खेतों की सिंचाई कर रहे हैं। यह काम लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की सहमति से हो रहा है। विभागीय कर्मचारियों का कहना है कि आसपास के कई गांवों में एसडीओ स्तर के अधिकारियों की सहमति से ऐसा किया जा रहा है। गांव में भीषण गर्मी के बीच आम लोग पीने के पानी के लिए परेशान हैं। ग्रामीणों ने इस मामले में कई बार शिकायत की, लेकिन कार्रवाई सिर्फ कागजी खानापूर्ति तक सीमित रही। अधिकारी मौखिक चेतावनी देकर लौट जाते हैं और स्थिति जस की तस बनी रहती है। नए बोर खनन पर रोक लगाई रोक डोंगरगढ़ के एसडीएम मनोज मरकाम ने कहा कि उन्हें इस मामले की जानकारी मिली है और वे जांच कर कार्रवाई करेंगे। यह स्थिति तब है जब जिला प्रशासन जलस्तर को लेकर अलर्ट जारी कर रहा है। प्रशासन ने नए बोर खनन पर रोक लगाई है और गर्मी में धान की खेती न करने की अपील की है। इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या प्रशासन वास्तव में कोई ठोस कार्रवाई करेगा या यह मामला भी दबा दिया जाएगा। सरकारी बोर का पानी कुछ प्रभावशाली लोगों की निजी सिंचाई में इस्तेमाल होना जनहित के खिलाफ है।


