भास्कर न्यूज | फिरोजपुर डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट पंजाब (डीटीएफ) के राज्य प्रधान विक्रम देव सिंह, महासचिव महिंदर कौरियांवाली, वित्त सचिव अश्वनी अवस्थी तथा फिरोजपुर के प्रधान मलकीत सिंह हराज और जिला सचिव गुरविंदर सिंह खोसा ने आम आदमी पार्टी की सरकार की कड़ी आलोचना करते कहा कि बजट की कमी के कारण पंजाब के हजारों शिक्षक अपनी तनख्वाहों की प्रतीक्षा कर रहे हैं। उनका आरोप है कि एक ओर सरकार लाखों-करोड़ों रुपये का कर्ज लेकर ‘शिक्षा क्रांति’ के नाम पर स्कूल शिक्षा विभाग की नियमित अभिभावक-शिक्षक बैठकों को बड़ी उपलब्धि बताकर व्यापक स्तर पर विज्ञापनबाजी कर रही है, वहीं दूसरी ओर जिला अधिकारियों द्वारा ड्राइंग एंड डिस्बर्सिंग अधिकारियों (डीडीओ) को वेतन के लिए आवश्यक बजट जारी नहीं किया जा रहा। डीटीएफ नेताओं ने बताया कि पूरे पंजाब में शिक्षकों को समय पर वेतन नहीं मिल रहा क्योंकि मुख्यालय से बजट आवंटित नहीं हुआ है। जिला अधिकारियों का हर बार यही जवाब होता है कि बजट मुख्यालय से प्राप्त नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि वेतन में हो रही इस अनावश्यक देरी के कारण शिक्षकों को घरेलू जरूरतें पूरी करने में गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। बैंकों से लिए ऋणों की किस्तें समय पर जमा न हो पाने से उन पर जुर्माना लग रहा है, जिससे वे आर्थिक और मानसिक तनाव झेल रहे हैं। नेताओं ने आरोप लगाया कि एक ओर सरकार शिक्षा क्षेत्र में बड़े-बड़े दावे कर रही है, जबकि दूसरी ओर शिक्षकों को समय पर वेतन न दे पाना सरकार की वित्तीय कमजोरी और प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करता है। उनका कहना है कि सरकार की प्राथमिकता शिक्षकों का कल्याण नहीं, बल्कि प्रचार है। डीटीएफ ने मांग की कि तुरंत लंबित बजट जारी कर शिक्षकों के वेतन का भुगतान किया जाए तथा भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए सुनियोजित और स्थायी बजट प्रबंधन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय कर कार्रवाई की जाए, ताकि शिक्षकों को बार-बार अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े। इस अवसर पर संगठन के कई अन्य पदाधिकारी और सदस्य भी उपस्थित रहे।


