एक ओर प्रदेश सरकार जहां अपनी उपलब्धियां गिनाने में जुटी हैं तो वहीं प्रदेश सरकार की पहली वर्षगांठ को कांग्रेस ने कुशासन की पहली जयंती बताया है। नागौर कांग्रेस के कार्यकारी जिलाध्यक्ष हनुमान बांगड़ा की अध्यक्षता में जिला कांग्रेस कार्यालय में एक बैठक हुई। बैठक में वक्ताओं ने प्रदेश सरकार के एक साल के कार्यकाल को बुरी तरह विफल बताया गया। कार्यकारी जिलाध्यक्ष कांग्रेस हनुमान बांगड़ा ने राजस्थान सरकार के 1 वर्ष के कार्यकाल को कुशासन बताते हुए कहा कि भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार ने संविधान की नींव को कमजोर करने और सामाजिक न्याय, समानता व लोकतंत्र के प्रति संविधान को कमजोर करने का प्रयास किया है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने कहा कि राजस्थान में निरंकुश सरकार ने आमजन के साथ कुठाराघात करते हुए कांग्रेस सरकार के समय शुरू हुई जनकल्याणकारी योजनाओं में से प्रमुख चिरंजीवी योजना का दायरा 25 लाख के जगह 5 लाख कर दिया, गरीबों को मिलने वाली फ्री राशन किट, बिजली सब्सिडी, वृद्धावस्था, विधवा, विकलांग पेंशन योजना आदि योजनाओं को बंद कर दिया। इससे भाजपा का चाल, चरित्र और चेहरा बेनकाब हो गया है। 1 वर्ष के कार्यकाल में ये सरकार पर्ची सरकार साबित हो रही है, जो असमंजस की स्थिति में है। मुख्यमंत्री निर्णय नहीं ले पाते हैं। सत्ता पक्ष के विधायक ही कह रहे हैं कि जनसुनवाई कहां जाकर करें? राजस्थान में कानून व्यवस्था चौपट है, अपराधी बेखौफ हैं। प्रदेश में महिला अत्याचार, दलित अत्याचार, महिलाओं व नाबालिग बच्चियों के साथ बलात्कार की बढ़ती घटनाएं, माफिया राज (खनन माफिया, बजरी माफिया, भू-माफिया) को रोकने में सरकार विफल साबित हुई है। बांगडा़ ने कहा कि प्रदेश के हालात यह हैं कि किसान को सिंचाई के लिए 3 घंटे बिजली दी जा रही है। सरकार अपनी वाहवाही करने में मस्त है। रात के समय सिंगल फेस बिजली भी नहीं दी जा रही है। गरीबों, दिव्यांगों, विधवाओं और बुजुर्गों को पिछले 4 महीने से पेंशन नहीं मिल रही है। बच्चों को छात्रवृत्ति नहीं मिल रही है, युवाओं को बेरोजगारी भत्ता नहीं मिल रहा है। इस मौके पर वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष कांग्रेस मोतीलाल चंदेल, जिला महासचिव दिलफराज खान, ब्लॉक अध्यक्ष हीरालाल भाटी, अनूप विश्नोई, भानु प्रकाश, ओमप्रकाश मेघवाल, रामनिवास, बनवारी, फरीद दायमा, महेंद्र परिहार, राजेश फूलफगर आदि मौजूद रहे।


